संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। मानसून के दस्तक देने और दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से सरयू नदी कर जलस्तर बढ़ने लगा है। फिलहाल अभी चिंता की बात नहीं है। क्योंकि खतरे के निशान 66:50 से ढाई मीटर नीचे बह रही है। सरयू में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
उधर, बंधों पर बने रेनकट, रैट होल और स्याही के मांद ने गों की मुश्किलें बढ़ा दी है। परसियां-विशुनपुर देवार में पीडब्ल्यूडी के जर्जर बांध से होने वाले सुरक्षा-इंतजाम को लेकर लोग चिंतित हैं। हालांकि प्रशासन ने बाढ़ चौकियां स्थापित करा दी हैं।
थाना घाट से अभी सरयू नदी दूर बह रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि फिलहाल खतरे जैसी कोई बात नहीं है। हाल के दिनों में हुई बारिश की वजह से सरयू के जलस्तर में इजाफा हुआ है।
सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार में करीब सात-आठ किमी पीडब्ल्यूडी बांध जर्जर है। सरयू नदी के तटवर्ती गांव के रमाशंकर यादव, विजय कुमार, रामाश्रय सिंह, सुरेंद्र, मोदी, जयमंगल, संजय यादव आदि का कहना है कि गांवों को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी बांध बनाया गया है।
बांध काफी पुराना और रखरखाव के अभाव में जर्जर हो गया है। आधा दर्जन से अधिक जगहों पर नदी कटान भी कर रही है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से बरमहवां टोला के पास बंधे पर कुछ जगहों पर कार्य कराया गया है, जो नाकाफी है। सरयू नदी तट पर दो दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। यहां प्रत्येक वर्ष लोगों को बाढ़ से दो-चार होना पड़ता है।
सरयू और राप्ती नदी में बाढ़ आने पर परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा भदिला प्रथम, गोरखपुर जनपद का विस्थापित कोलखास गांव पानी से घिर जाता है। अधिकतर घरों में बाढ़ का पानी पहुंच जाता है।