देवरिया। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-वाराणसी रेल मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को अभी करीब तीन महीने और परेशानी झेलनी पड़ेगी।
इस रूट पर दुल्लहपुर और मऊ के बीच 21 किमी लंबे हिस्से के दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है, जिसका बृहस्पतिवार को स्पीड ट्रॉयल भी हो जाएगा, लेकिन भटनी-औड़िहार रेलखंड के इस दोहरीकरण कार्य में तुर्तिपार पुल फिलहाल सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। पुल का निर्माण पूरा होने पर ही गोरखपुर से वाराणसी तक की राह ट्रेन से काफी आसान हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में भटनी-औड़िहार खंड पर दोहरीकरण का काम चल रहा है। इस रूट पर अभी अधिकतम औसत स्पीड 58 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
भटनी-औड़िहार होते हुए वाराणसी तक पहुंचने में एक्सप्रेस ट्रेनों को करीब चार घंटे का समय लग जाता है। देवरिया से वाराणसी की दूरी लगभग 180 किलोमीटर ही है। वाराणसी के विकास के साथ ही देवरिया, कुशीनगर से जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसी रास्ते लोग प्रयागराज भी जाते हैं, लेकिन भटनी से औड़ियार के बीच सिंगल ट्रैक के चलते न तो ट्रेनों की संख्या बढ़ पा रही है और न ही औसत स्पीड।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भटनी-औड़िहार रेलखंड दोहरीकरण परियोजना लगभग अंतिम चरण में है। अधिकांश हिस्सों में ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। मऊ-दुल्लहपुर रेलखंड के बीच अमान परिवर्तन (ट्रैक का स्तर व तकनीकी सुधार) का कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को इसका सीआरएस निरीक्षण किया गया।
इसके बाद बृहस्पतिवार को स्पीड ट्रॉयल किया जाएगा। तुर्तिपार पुल का भी निर्माण अंतिम चरण में है। पुल का निर्माण पूरी होने पर बेल्थरा रोड से लार रोड और वहां से पिवकोल तक के हिस्से का ही भी दोहरीकरण कार्य हो जाएगा। इस खंड के पूरा होते ही भटनी जंक्शन से औड़ियार जंक्शन तक पूरा ट्रैक डबल हो जाएगा।