संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। बहुचर्चित विट्ठलपुर कांड में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने पिटाई की घटना का लोमहर्षक वीडियो वायरल होने के बाद गैर इरादतन हत्या के मामले को हत्या में तरमीम कर दी है।
अब मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, अज्ञात आरोपियों में तीन का नाम प्रकाश में आया है।
मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। उन तीनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रकाश में आए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। विट्ठलपुर गांव के रहने वाले रामनिवास का बेटा हरिभजन उर्फ भोलू निषाद 20 वर्ष की 13 जून को कुछ युवकों ने बेरहमी से पिटाई की थी। 21 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
26 जून को उसकी बेरहमी से पिटाई करते हुए वीडियो वायरल हुआ। मामले में वीडियो वायरल होने के बाद एसपी विक्रांत वीर परिवार वालों से मिलकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
घटना में 14 जून को मृतक भोलू की मां दुर्गावती की तहरीर पर दो नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना एसआई श्रीनिवास यादव कर रहे थे।
21 तारीख को इलाज के दौरान भोलू की मौत के बाद मुकदमे को गैर इरादतन हत्या में बदल दिया गया। 26 जून को भोलू की पिटाई का दर्दनाक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने मामले को गंभीरता से लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व प्रभारी निरीक्षक को सस्पेंड कर दिए।
वायरल वीडियो में बेरहमी से पिटाई करने वाले और वीडियो बनाने वाले दो युवकों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया था। विवेचना में गैर इरादतन हत्या की धारा को हत्या में तरमीम कर विवेचक बदल दिया गया है।
भोलू के वीडियो बयान और जांच के आधार पर तीनों आरोपियों का नाम प्रकाश में आया है। भोलू ने अपने वीडियो बयान में पिटाई करने वाले सात आरोपियों के नाम लिए हैं। पुलसुरक्षा की दृष्टि से गांव में पीएसी तैनात की गई है।
सीओ हरिराम ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है। घटना में संलिप्त कोई दोषी बचेगा नहीं।