दिल्ली से आई एनएचपीसी की टीम को ग्रामीणों ने रोका
मेहरौनाघाट/लार (देवरिया)। दिल्ली से मशीन लेकर स्वाइल टेस्टिंग करने आई एनएचपीसी की टीम को चुरियां गांव के किसानों ने नदी तट पर रोक दिया। किसान एनएचपीसी पर बिना बताए भूमि अधिग्रहण करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने लोगों को समझा कर शांत कराया। हंगामे के दो घंटे बाद टीम स्वाइल टेस्टिंग के लिए नदी पार पहुंची। किसानों ने नायब तहसीलदार को भूमि पर सोलर प्लांट नहीं बनाने को लेकर ज्ञापन दिया है।
ब्लॉक के चुरियां गांव से दक्षिण सरयू नदी के पार महाल मंझरिया में पांच हजार एकड़ में करोड़ों की लागत से सोलर प्लांट लगाया जाना है। क्षेत्र के किसान इसका विरोध कर रहे हैं। शनिवार सुबह दिल्ली से टीम भूमि के निचली सतह का परीक्षण करने वाली मशीन लेकर पहुंची। इसकी सूचना मिलते ही एनएचपीसी की टीम को सैकड़ों किसानों ने नदी तट पर रोक दिया। जब टीम के सदस्यों ने उच्चाधिकारियों से बात करने को कहा तो आक्रोशित लोग उग्र होकर हंगामा करने लगे। किसानों के तेवर देख एनएचपीसी के कर्मचारी बैकफुट पर आ गए।
मामले की जानकारी टीम ने नायब तहसीलदार धर्मवीर सिंह को दी। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और एसओ टीजे सिंह ने नाराज किसानों को समझा कर शांत कराया। करीब दो घंटे बाद एनएचपीसी की टीम नाव के सहारे नदी उस पार पहुंची। हालांकि मशीन को लोगों ने ट्रक से उतरने नहीं दिया। नायब तहसीलदार को किसानों ने मांग पत्र भी सौंपा। जिसमें उपजाऊ भूमि होने का हवाला देते हुए सोलर प्लांट नहीं लगाने की मांग की। इस दौरान रामचंद्र यादव, भगवती यादव, कल्लू चौहान, धनेसर राजभर, जयराम, वकील, राजू, बलिंद्र, भोला, यशवंत, मुसाफिर, विजय, जय गोविंद, जनार्दन, देवेंद्र, फेकू, लालबाबु, रामायण, बंशबहादुर, हरेश्याम आदि किसान मौजूद रहे।
विरोध के बीच पूरा हुआ स्वाइल टेस्टिंग परीक्षण
किसानों के विरोध के बीच महाल मंझरिया में सोलर प्लांट के लिए प्रस्तावित भूमि के निचली सतह का परीक्षण हुआ। करीब तीन घंटे तक चले इस परीक्षण में भूमि मानक के अनुरूप मिली। अधिकारियों के मुताबिक यह भूमि सोलर प्लांट के लिए उपयुक्त है। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही यहां करोड़ों की लागत से सोलर प्लांट लगाने का काम शुरू होगा।