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Deoria News: एक साथ उठीं दो अर्थियां तो रो पड़ा पूरा गांव

Tue, 05 Mar 2024 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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फोटो समाचार..........
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- विवेक की मौत के बाद शादी की खुशियां हुईं काफूर, उठ रहीं सिसकियां

पोस्टमार्टम के बाद सुबह छोटी गंडक नदी के किनारे किया गया दाह संस्कार

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। तरकुलवा थाना क्षेत्र के गढ़रामपुर गांव के रहने वाले दो युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। दोनों जिगरी दोस्त थे। सुबह से शाम तक दोनों एक-दूसरे के साथ रहते थे। जैसे ही दोनों की मौत की सूचना मिली तो पूरे गांव में मातम छा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव लाए गए तो परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।
सोमवार की सुबह गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। दोनों दोस्तों की अर्थी एक साथ उठी तो पूरे गांव रो पड़ा। जब तरकुलवा थाना क्षेत्र की छोटी गंडक नदी के रामपुरगढ़ घाट पर एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई तो उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
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थाना क्षेत्र के गढ़रामपुर निवासी लालबहादुर के तीन बेटे विमलेश, विकास, विवेक और एक बिटिया जया है। वह परिवार की परवरिश के लिए बाहर रहते हैं। इसी गांव के जीवधन यादव के भी तीन बेटे पंकज, राजकुमार और अनूप हैं। विवेक पटेल (22) और अनूप यादव (21) दोनों का घर कुछ दूरी पर स्थित है। दोनों जिगरी दोस्त थे। सुबह से शाम तक साथ-साथ रहते थे।
विवेक की इकलौती बहन जया पटेल की 22 अप्रैल को शादी होनी है। घर पर चहल-पहल और मंगलगीत गूंज रहे थे। विवाह की तैयारियां जोरशोर से चल रही थीं। विधाता को तो कुछ और ही मंजूर था। पल भर में मंगल गीतों की गूंज सिसकियों और चीत्कार में बदल गई।
विवेक और अनूप रविवार देर रात सोन्हुला रामनगर पेट्रोल पंप पर बाइक में तेल डलवाने गए थे। वहां से लौटते समय दोनों दोस्त एक चारपहिया वाहन की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौत हो गई। यह खबर जब घर वालों को हुई तो वे बदहवास हो गए और रोने लगे।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की सुबह जब दोनों की शवयात्रा एक साथ निकली तो समूचे गांव में मातम फैल गया। शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। एक ही चिता पर दोनों के शवों को रखकर मुखाग्नि दी गई।
विवेक के शव को बड़े भाई विमलेश और अनूप के शव को पिता जीवधन यादव ने मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।



हेलमेट लगाए होते तो शायद बच जाती दोनों की जान

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। बिना हेलमेट के बाइक चलाने से रामपुर खास गांव के दो युवकों की सड़क हादसे में हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों की मानें तो यदि दोनों हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती।
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दाह संस्कार के बाद मृत युवकों के परिजनों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि यदि दोनों हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। सुबह दोनों को किसी कार्य से निकलना था, इसलिए रात में ही बाइक में पेट्रोल भरवाने गए थे। उन्हें क्या पता था कि क्रूर काल रास्ते में उनका इंतजार कर रहा है। आंसू पोंछते हुए विवेक के बड़े भाई विमलेश और अनूप के पिता जीवधन यादव ने कहा कि यदि परिवार को खुश देखना हो तो सभी को हेलमेट लगाकर ही बाइक चलाना चाहिए।
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