An interesting story of samajwadi party symbol bicycle
देवरिया। सपा और कांग्रेस के बीच समझौते के बाद जिले की सियासत करवट ले रही है। दोनों दलों के बागियों के तेवर से माहौल गरमा गया है। समर्थकों के साथ बैठक में चुनाव लड़ने के ऐलान पर दावेदारों ने इशारों में हां कहा।
दो-तीन दिनों में फैसला सुनाने की बात कही। सपा ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय प्रताप यादव की देवरिया से प्रत्याशिता रद कर दी। पुरवा चौराहा स्थित ग्राउंड में समर्थकों ने एक स्वर में पार्टी के फैसले को गलत ठहराया। कहा कि स्वर्गीय रामनगीना यादव ने संगठन को खड़ा कराया है। उनके बेटे के साथ ऐसा सुलूक बर्दाश्त नहीं। विधानसभा चुनाव लड़ने की जरूरत है।
ताकि विधानभवन में देवरिया की आवाज बुलंद हो सके। कार्यक्रम को पूर्वमंत्री रामाज्ञा चौहान, पूर्व विधायक स्वामीनाथ भाई, गेनालाल यादव, धनंजय राव, रमाकांत राव, मुकुल सिंह, जमशेद आलम आदि ने संबोधित किया। उधर, बलटिकरा स्थित इंटर कॉलेज परिसर में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुयश मणि त्रिपाठी के समर्थकों ने बैठक बुलाई थी। चुनाव लड़ने की बात पर समर्थकों ने आवाज बुलंद की।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुयश मणि ने कहा कि सपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है। जिस जगह से कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे गए हैं वहां पर सपाई भी चुनाव मैदान में हैं। इस दौरान बलराम पांडेय, जावेद अतहर, अशोक राव, पवन पांडेय, अभिमन्यु यादव, उमेश मणि आदि मौजूद रहे।