सलेमपुर। प्रत्याशी बदलने को लेकर चल रहा विरोध शनिवार को सतह पर आ गया। नाराजगी इतनी कि पुलिस के तेवर के सामने भी नेताओं का विरोधी जुबान बंद नहीं हुआ। निष्ठा और मजबूती से एक मंच पर दिखने वाले कार्यकर्ता दो खेमे में बंट गए हैं। यह नाराजगी सलेमपुर सुरक्षित सीट पर सपा की लुटिया डूबो सकती है।
विधायक मनबोध प्रसाद की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कुछ सपा नेता विरोध कर रहे हैं। यह मामला पार्टी के शीर्ष नेताओं के कानों तक भी पहुंच चुका है। लेकिन पार्टी प्रत्याशी बदलने के मूड में नहीं दिख रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार नेताओं ने जुलूस और जनसभा करने के लिए सलेमपुर में एकत्रित हुए। लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर इसे असफल कर दिया।
बावजूद इसके नेताओं ने पुलिस को चकमा देकर जुलूस निकाला और विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कोतवाली पहुंच गए। लोकसभा चुनाव में भी प्रत्याशी बदलने के लिए सपा के कुछ नेताओं ने विरोध किया था। उस समय गांव-गांव में प्रत्याशी का पुतला जलाया गया था, लेकिन पार्टी प्रत्याशी नहीं बदली थी। सलेमपुर में खेमेबाजी की शिकार हुई सपा को विधानसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है।