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मूल्यांकन शुरू करने को लेकर अंतिम समय तक असमंजस में रहे अधिकारी

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राजकीय इण्टर कालेज देवरिया में बोर्ड कापियो का शिक्षको ने मूल्यांकन किया। - फोटो : DEORIA
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मूल्यांकन शुरू करने को लेकर अंतिम समय तक असमंजस में रहे अधिकारी
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कई बार बनी कभी हां, कभी ना की स्थिति, आखिर में शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य
सुबह में कई केंद्रों से लौटे परीक्षक, बाद में फोन करने बुलाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लॉकडाउन में मूल्यांकन कार्य शुरू कराने को लेकर अधिकारियों में गजब की असमंजस की स्थिति रही। कभी हां, कभी ना, बाद में फिर यही स्थिति बनती और बिगड़ती रही। जिला प्रशासन से लेकर शासन तक कई बार अधिकारियेें के बीच हां, ना चला। सुबह में तो एक बाद स्थगित करने का आदेश भी दे दिया गया। अंत में मंगलवार की दोपहर के बाद स्थिति स्पष्ट होने के बाद यूपी बोर्ड के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो पाया।
कोरोना संकट के डर से मार्च महीने में दो दिन मूल्यांकन होने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। शासन स्तर से लॉकडाउन में ही पुन: पांच मई से यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कराने का निर्णय हुआ। जिले के नौ केंद्रों पर भी इसकी तैयारियां तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मूल्यांकन कराने का फैसला हुआ। सोमवार को डीआईओएस व एडीआईओएस ने जीआईसी में सभी केंद्रों के उपनियंत्रकों के साथ इस संबंध में बाकायदा शासनादेश से परिचित भी करा दिया। जिन परीक्षकों की ड्यूटी लगी है वो सोमवार की देर शाम तक परेशान रहे कि बिना पास के वह कैसे केंद्रों तक पहुंचेंगे। सबसे ज्यादा वे रहे जो गोरखपुर सहित अन्य जगहों से आते-जाते हैं। कई तो यह भी कहते रहे कि दो कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने के बाद देवरिया जिला रेड जोन में शामिल हो गया है, ऐसे में शासन ने यहां मूल्यांकन को स्थगित कर दिया है। वह अपने परिचितों व साथ काम करने वालों को फोन कर इसकी तस्दीक भी करते रहे। उधर, मंगलवार की सुबह डीआईओएस स्तर से ही यह आदेश जारी कर दिया गया कि पांच मई से होने वाले मूल्यांकन कार्य को डीएम के आदेश पर स्थगित कर दिया गया है। साथ ही सभी उप नियंत्रक संबंधित शिक्षकों एवं परीक्षकों को इस संबंध में जरूर अवगत करा दें। यह स्थिति तब रही जब एक दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने ही इस कार्य को हरी झंडी दी थी। मंगलवार को नौ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षक कॉपियों की जांच करने पहुंचे तो वहां उन्हें मूल्यांकन कार्य स्थगित कर दिए जाने की सूचना दी गई। निराश मन से व पहले सूचना नहीं दिए जाने पर वह अधिकारियों को कोसते हुए वापस चले गए। इसके कुछ देर बाद ही शासन स्तर से पुन:आदेश जारी हुआ कि मूल्यांकन कार्य सभी केंद्रों पर शुरू करा दिया जाए, इसके बाद पुन: परीक्षकों को फोन कर बुलाने का सिलसिला शुरू हुआ और दोपहर के बाद कॉपियों का जांच कार्य भी आरंभ हुआ। हालांकि, सभी केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या कम रही।
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शासन के आदेश के बाद शुरू हुआ मूल्यांकन
डीआईओएस शिवचंद राम ने बताया कि डीएम से अनुमति के बाद ही मंगलवार से मूल्यांकन कार्य शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया था। सोमवार की रात में पुन: जिला प्रशासन की ओर से आदेश हुआ कि देवरिया आरेंज जोन में शामिल है, इसलिए मूल्यांकन को स्थगित कर दिया जाए। इसलिए मंगलवार की सुबह में यह आदेश जारी किया गया। दोपहर 12 बजे शासन से आदेश आया कि मूल्यांकन कार्य को स्थगित न कराया जाए, इसके बाद परीक्षकों को फोन कर पुन: बुलाया गया। कॉपियों की जांच 25 मई तक चलेगी।
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माध्यमिक शिक्षक संघ ने अधिकारियों की नीयत पर जताया संदेह
माध्यमिक शिक्षक परिषद के जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि अधिकारी शुरू से लेकर अंत तक असमंजस की स्थिति में रहे। बिना किसी तैयारी के मूल्यांकन कार्य कैसे होगा। कई परीक्षक गोरखपुर से आते-जाते हैं। लॉकडाउन में उनके परिवहन की व्यवस्था की जानी चाहिए। केवल परीक्षकों को परेशान करने के लिए यह सब किया गया।
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