देवरिया जनपद में स्वास्थ्य विभाग मृतक को भी वैक्सीन डोज दे रहा है। इस तरह का एक मामला शुक्रवार को सामने आया। मौत के पांच बाद मोबाइल फोन पर उसे दूसरी डोज लगाने का मैसेज आया। मृतक के अधिवक्ता पुत्र ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट कर सवाल उठाया है कि मृतक को कैसे टीका लग गया। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने व्यक्तिगत रूप से सीएमओ से जांच कराने की बात कही है।
शहर के राघव नगर मोहल्ला निवासी श्रीप्रकाश तिवारी (84) एलआईसी के सेवानिवृत्त अधिकारी थे। एक अप्रैल 2021 को सुबह 11 बजे कोरोना से बचाव के लिए उन्होंने वैक्सीन की प्रथम डोज ली। परिजनों के अनुसार] इसके बाद वह एलआईसी में असिस्टेंट डिवीजनल मैनेजर के पद पर आजमगढ़ में तैनात बेटे अरविंद मणि त्रिपाठी के पास चले गए। वहां बेटे के संक्रमित होने पर वहां से 16 अप्रैल को देवरिया आ गए।
यहां 17 अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच कराई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उनकी रिपोर्ट समय से नहीं आई। बाद में 21 अप्रैल को पता चला कि उनका सैंपल गलत हो गया है इसलिए जांच रिपोर्ट नहीं आई। उन्होंने 22 अप्रैल को सीटी स्कैन कराया तो संक्रमण की पुष्टि हुई। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उनके अधिवक्ता पुत्र विजय कुमार त्रिपाठी उन्हें दूसरे शहर में भर्ती कराए। तबीयत में सुधार होने पर वह देवरिया आ गए।
इसी बीच पांच मई को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के पांच माह बाद शुक्रवार को दोपहर 2.42 बजे उनके मोबाइल नंबर 9450675764 पर मैसेज आया। परिजनों ने देखा कि मैसेज उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज लगने से संबंधित था। जब प्रथम डोज लगवाए थे तो उसी मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन किया गया था। मैसेज देख सभी लोग दंग रह गए और मृतक को वैक्सीन की डोज लगने की चर्चा होने लगी।
इसे गंभीरता से लेते हुए मृतक के अधिवक्ता पुत्र ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ट्वीट किया। सवाल उठाया कि मृतक को टीका कैसे लग गया या फिर रिपोर्टिंग करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय का कहना है कि किसी ने उनके मोबाइल से रजिस्ट्रेशन किया होगा। उसे दूसरी डोज लगी होगी तो मैसेज आ गया होगा। फिलहाल जो भी चूक हुई है, उसकी जांच कराएंगे।
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि यह गंभीर मामला लगता है। मैं इस मामले में व्यक्तिगत रूप से जांच कराने के लिए सीएमओ से कह रहा हूं।