साधन सहकारी समिति डहरौली पर खाद लेने जाते किसान, संवाद
एकौना। गेहूं की बुआई के समय डीएपी को लेकर परेशानी झेल चुके किसान अब यूरिया के लिए भटक रहे हैं। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत के बीच किसान प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। दोआबा में प्रति बोरी किसानों को 20 से 30 रुपये नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गेंहू की बुआई के बाद पहली सिंचाई में किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। द्वाबा क्षेत्र के किसान यूरिया की किल्लत से काफी परेशान हैं।
किसान सुभाष विश्वकर्मा, श्री सिंह, राम प्यारे यादव आदि ने कहा कि सहकारी समितियों पर खाद की अनुपलब्धता के कारण किसानों निजी दुकानों पर जा रहे हैं।
प्रति बोरी यूरिया की सरकारी कीमत 266.50 पैसे है लेकिन पचलड़ी, नारायनपुर आदि जगहों के निजी दुकानदारों द्वारा 380 से 390 रुपये प्रति बोरी यूरिया बेचा जा रहा है।
विभाग के अनुसार साधन सहकारी समिति पचलड़ी से अब तक 1500 बोरी, साधन सहकारी समिति धर्मपुर छपरा से 1400 बोरी और डहरौली से 1600 बोरी यूरिया वितरित किया जा चुका है।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेचने वालों पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।