तरकुलवा। मानसूनी बारिश के बाद किसानों में यूरिया की मांग बढ़ गई है। इस बीच समितियों के गोदामों से यूरिया गायब हो गई है। इससे किसान परेशान हैं।
विकास खंड क्षेत्र में बजराटार महुअवा, सोनहुला रामनगर, सोहनरियां, परासखाड़, सुंदरपुर (बसंतपुर धूसी), कंचनपुर (कोंहवलिया) कुल छह साधन सहकारी समितियां हैं।
बारिश के बाद धान सहित खरीफ की फसलों के लिए किसानों को यूरिया की जरूरत है। सोहनरिया, बजराटार महुअवा, परासखड़ समिति पर यूरिया नहीं है। यही हालत अन्य समितियों की है।
समितियों पर यूरिया नहीं होने से किसान महंगे दाम पर निजी दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर हैं। किसान हसनैन खान, बैरिस्टर यादव, रामनरेश कुशवाहा, गोविंद चौहान, प्रभावती देवी, छेदी सिंह, नारद कुशवाहा आदि ने बताया कि बारिश के तत्काल बाद धान और गन्ने की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है, मगर किसी भी सरकारी गोदाम पर खाद उपलब्ध नहीं है।
सोहनरिया, बजराटार महुअवा और सोनहुला रामनगर के सचिव राजेश सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से यूरिया खत्म है। सात दिन पहले रुपये जमा किए गए हंै, मगर खाद नहीं आई है।
संभावना है कि जल्द ही गोदामों पर यूरिया आ जाएगी। दूसरे सचिव जितेंद्र मद्धेशिया से मोबाइल से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।