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सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, सांसत बरकरार

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सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, सांसत बरकरार
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बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। नदी पिछले 24 घंटे में फिर तीन सेंटीमीटर की बढ़त बनाई है। जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 10 सेमी ऊपर पहुंच गया है। नदी में उमड़ रहे सैलाब के कारण आई बाढ़ से प्रभावित गांवों में सांसत बरकरार है। जबकि आधा दर्जन से अधिक जगहों पर हो रही कटान से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
शनिवार को सरयू खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक 1.10 मीटर ऊपर 67.60 मीटर पर बह रहद्ध है। दो दिन पूर्व नदी के जलस्तर में तीन सेमी की नरमी आई थी। लेकिन नदी एक बार फिर बढ़त बना रही है। सरयू में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती भी उफान पर है। नदी का पानी नाली-नालों के रास्ते पुराना बरहज, नंदना वार्ड पूर्वी, आजाद नगर दक्षिणी में कुछ लोगों के घरों तक पहुंच गया है। पैना मार्ग स्थित ईदगाह के निकट नदी रामजानकी मार्ग तक पहुंच गई है। छोटे लाल गुप्त, कन्हैया, राकेश मद्धेशिया आदि के घरों तक, जबकि पटेल नगर पश्चिमी में पुलिया के रास्ते अख्तर के घर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी के दोबारा बढ़त बनाने से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी में आए बाढ़ के आफत से भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के 10 मोहल्ले में दुश्वारियां बरकरार हैं। नदी में आई बाढ़ से खेत मैरुंड हो गए हैं। जबकि रगरगंज, मेहियंवा, कोटवां और पैना की ओर कुछ जगहों पर नदी कटान कर रही है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि नदी एक बार फिर बढ़त बना रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है।
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बाढ़ के पानी से घिरा विस्थापित कोलखास गांव, बढ़ी मुश्किलें
कपरवार। सरयू नदी में आए सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। उग्रसेन पुल के निकट गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव चारो ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। गांव के लोग उचित ठौर की तलाश कर रहे हैं।
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सरयू नदी के जलस्तर में पिछले करीब आठ दिनों से बेतहाशा वृद्धि हुई है। जिससे राप्ती में भी बाढ़ आ गया है। सरयू और राप्ती के उफनाने से बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया है। गोरखपुर जनपद का कोलखास गांव सरयू और राप्ती के पानी से चारो ओर से घिर गया है। जहां लोगों को सड़कों पर आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं खेतों के मैरुंड होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। जबकि बेजुबानों के लिए चारा का संकट बना हुआ है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी नदी कोलखास गांव में लोगों के घरों तक पहुंच गई है।
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