यूक्रेन में फंसी रुद्रपुर की बेटी श्वेता
रुद्रपुर(देवरिया)। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध में रुद्रपुर की दो बेटियां फंसी हैं। क्षेत्र के मांगा कोड़र की सृष्टि के बाद केवटलिया निवासी श्वेता भी जान बचाने के लिए बंकर में छिपी है। अब मेडिकल स्टूडेंट के पास खाने के लिए फल के सिवाय कुछ नहीं बचा है। बंकर में करीब दो सौ से अधिक मेडिकल स्टूडेंट छिपे हैं। गांव के परिजन उनकी सुरक्षा के लिए परेशान हैं।
मदनपुर थाना क्षेत्र के केवटलिया गांव निवासी सेना से रिटायर्ड परमार्थ सिंह की बेटी श्वेता सिंह यूक्रेन के वीएन कारजीना खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। वर्तमान में उनका परिवार लखनऊ में रहता है। श्वेता सिंह के पिता परमार्थ सिंह ने बताया कि उनकी बेटी तीन दिन से यूक्रेन शहर के एक बंकर में अपने साथियों के साथ छिपी है। अब उनके पास खाने के लिए फल के सिवाय कुछ नहीं बचा है। मोबाइल चार्ज नहीं होने के कारण बहुत कम बात हो पा रही है। स्टूडेंट श्वेता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी से अब तक भारतीय दूतावास से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने बेटी की सकुशल वतन वापसी की गुहार लगाई है। वहीं, मांगा कोड़र की बेटी सृष्टि भी अभी यूक्रेन में फंसी है। दोनों परिवार के लोग बेटियों की वापसी और सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।
‘पापा बहुत डर लग रहा है, किसी तरह वतन वापसी करा दिजिए’
बरहज(देवरिया)। यूक्रेन के डेनीप्रो स्टेट शहर में फंसा बरहज के पटेलनगर मध्य निवासी और मेडिकल का छात्र ऋषि किसी तरह साथियों के साथ रोमानिया बार्डर तक पहुंच गया। उसकी वतन वापसी की उम्मीद जगी है। बार्डर पर एंबेसी से एप्रूवल की कोशिश में जुटा है। ऋषि ने फोन पर कहा कि पापा बहुत डर लग रहा है। किसी तरह वतन वापसी करा दिजिए।
रविवार को ऋषि 85 साथियों के साथ हरिना एवेन्यू स्थित बंकर से बस से रोमानिया बार्डर के लिए चल दिया है। फोन से हुई बातचीत में ऋषि ने बताया कि चारों ओर खतरा बना हुआ है। धमाके रोंगटे खड़े कर दे रही हैं। भोजन के लाले पड़े हैं। उसने बताया कि रोमानिया बार्डर पर एंबेसी के उच्चाधिकारियों से परमिशन मिलने के बाद ही उसकी वापसी संभव हो सकेगी।
हालात पर नजर रखे हैं परिजन
बरहज। ऋषि के परिजन हलकान हैं। उनके घर का चूल्हा शांत पड़ा है। दो दिनों से बिना खाए-पीए पिता नेहरू लाल निषाद, मां इंद्रावती देवी, भाई और इंजीनियर रामजनम, भाभी रेखा और बहन अर्पिता, सुनीता लगातार टेलीविजन पर नजर गड़ाए हैं। सभी ऋषि को फोन कर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
देवरिया। यूक्रेन में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के कारण यूक्रेन से आने-जाने के लिए सभी कामर्शियल फ्लाइट व यूक्रेन का एयर स्पेस बंद है। एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र सिंह ने बताया कि कीव, यूक्रेन में मौजूद सभी भारतीयों को संभावित मदद पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय दूतावास, कीव, यूक्रेन की ओर से हेल्प लाइन संचालित किया गया है। हेल्प नंबर +38 0997300483, +38 0997300428, +38 0933980327, +38 0635917881, +38 0935046170 तथा वेबसाइट https://www.eoiukraine.gov.in/index.php व www.indianembassywarsaw.gov.in है। विदेश मंत्रालय भारत सरकार के हेल्पलाइन नंबर +91 1123012113, +91 1123014104, +91 1123017905 व कंट्रोल रूम का नंबर 1800118797(New Delhi)है। ईमेल situationroom@mea.gov.in है। उत्तर प्रदेश के व्यक्ति जो यूक्रेन में मौजूद हैं, उन्हें स्वदेश लौटने की कार्यवाही के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित है। राज्य कंट्रोल रूम का (2437) टोल फ्री हेल्प लाईन नंबर 0522-1070, मोबाइल नंबर- 9454441081 तथा ईमेल आईडी rahat@nic.in है। जनपद देवरिया के विद्यार्थियों व अन्य लोगों जो यूक्रेन में फंसे हैं, उनके परिजन उनकी सूचना फोन नंबर 05568-222505 पर नोट करा सकते हैं। इसके अलावा ddmadeoria@gmail.com पर ईमेल कर सकते है।