गंडक में नहा रहे दो किशोरों की डूबने से मौत
लार (देवरिया)। थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव के सामने गंडक नदी में बुधवार को डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई। नदी में स्नान करते समय एक किशोर डूबने लगा तो दूसरे ने उसे बचाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। काफी मसक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी होने पर दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया।
लार थाना क्षेत्र के रोपन छपरा गांव निवासी आकाश गोंड (17) पुत्र मनीष गोंड, सागर गुप्ता (15) पुत्र अच्छेलाल गुप्ता दोपहर में घर से दोस्तों के साथ पड़ोस के गांव रतनपुरा के पास गंडक नदी में स्नान करने की बात कह निकले थे। दोनों घाट पर पहुंच गए। सभी नदी में स्नान करने लगे। उनके साथियों ने बताया कि आकाश और सागर गहरे पानी को साफ देखकर उधर जाने लगे। इसी बीच पहले आकाश का पैर फिसल गया, जिससे वह डूबने लगा। यह देख सागर उसे बचाने की कोशिश करने लगा। तभी वह भी डूबने लगा। यह देखकर साथ स्नान करने गए दोस्तों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर नदी के तट पर पशुओं को चरा रहे पशुपालक दौड़े। तब तक दोनों डूब चुके थे।
तकरीबन एक घंटे बाद दोनों को बाहर निकाला गया। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उसके बाद दोनों के घर कोहराम मच गया। वहीं, घटना की जानकारी पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। बेटे की मौत की खबर के बाद आकाश की मां इंदू देवी, पिता मनीष का रो- रोकर बुरा हाल है। मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। वह लखनऊ के एक कॉलेज में 12वीं का छात्र था। वह दो भाई में छोटा था। उससे बड़ा एक भाई है। उधर बेटे सागर की मौत की सूचना पर मां और पिता अच्छे लाल का रो-रोकर बुरा हाल था। सागर गांव पर की रहकर दसवीं की पढ़ाई करता था। वह दो भाई और एक बहन से बड़ा था। प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह ने बताया कि दो किशोरों की डूबने से मौत हुई है।
एक घंटा बाद निकलनी थी बरात, तभी आई मौत की खबर
लार। आकाश लखनऊ से अपने चाचा उपेंद्र गोंड की शादी में शामिल होने घर आया था। घर से पैसा लेकर उसने बाल कटवाने की बात कह लार निकल गया। काफी देर बाद जब लौटा तो बरात जाने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए वह गांव के लोगों को भोजन कराने के बाद पापा से कहा कि जल्दी नदी से स्नान करके आता हूं। उसके बाद कपड़े पहनकर बारात के लिए चल दूंगा। उसके पिता ने नाराजगी जताकर नदी की ओर से जाने रोका। उनकी बातों को अनसुना कर सागर अपने दोस्तों के साथ नदी की ओर निकल पड़ा। इधर बारात जाने की तैयारी चल रही थी। महिलाएं तैयार होने के साथ मांगलिक गीत गा रही थीं। तभी रतनपुरा गांव के लोगों से सूचना मिली कि आकाश और सागर की नदी में डूबने से मौत हो गई है। इसके बाद बरात जाने की तैयारी की जगह घर में मातम छा गया।
उपेंद्र गोंड दूल्हे का परिधान निकालकर भतीजे के शव से लिपट कर दहाड़े मारने लगे। यह देख मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं। पिता मनीष फफकते हुए लोगों से कह रहे थे कि काश, वह हमारी बातों को मान लिया होता तो शायद यह घटना नहीं होती। वह हमारी हर बात को मानता था। आज वह पहली बार बात को अनसुना किया था। यह दर्द जीवन भर रहेगा। उधर सागर के पिता उसे पढ़ा-लिखा कर डॉक्टर बनाने की सोचते थे। उनका सपना अधूरा रह गया। वह घर के सामने बदहवास होकर पड़े थे। मौजूद लोग उन्हें संभाल रहे थे।