- आंबेडकर प्रतिमा विवाद : सूचना देने में लापरवाही बरतने वालों पर डीएम-एसपी ने की सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। खलिहान की जमीन पर बिना पूर्व अनुमति के डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित हो जाने और उसे हटवाने के दौरान हुए बवाल के मामले में हल्का सिपाही, दरोगा, एलआईयू के सब इंस्पेक्टर, ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में ग्राम प्रधान को भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इन सभी पर मामले में लापरवाही बरतने और समय रहते उच्चाधिकारियों को सूचित नहीं करने का आरोप है।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लबकनी गांव में खलिहान की जमीन पर बने चबूतरे पर कुछ लोगों ने बुधवार को डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा रख दी थी। इसकी जानकारी होने पर प्रशासन की टीम प्रतिमा हटवाने पहुंची तो विरोध में वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। बुधवार की रात में तीन बजे तक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास चलता रहा।
माहौल शांत रखने के लिए छह थानों की पुलिस फोर्स लगाई गई। इसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह फिर एसडीएम और सीओ रुद्रपुर मौके पर पहुंचे। पूरे दिन मान मनौअल होती रही। अंतत: शाम चार बजे जब प्रशासन ने प्रतिमा चबूतरे से उठवाई तो भीड़ ने पथराव कर दिया था। इसमें मदनपुर एसओ नंदा प्रसाद घायल हो गए थे। कई अन्य पुलिस और राजस्वकर्मियों को हल्की चोट आई थी।
इस मामले में प्रथम दृष्टया गांव के लेखपाल अरविंद सिंह, ग्राम पंचायत सचिव संजीव गुप्ता, बीट के सिपाही रमेश यादव, हल्का दरोगा अरविंद यादव और एलआईयू के सब इंस्पेक्टर नागेश्वर सिंह को मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देने का आरोपी पाया गया। प्रशासनिक अफसरों का कहना था कि अगर पहले सूचना मिली होती तो ऐसी नौबत नहीं आती, इसीलिए इन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत की भूमि संरक्षण समिति का अध्यक्ष होने के नाते ग्राम प्रधान ने भी खलिहान की जमीन पर बिना पूर्व अनुमति के प्रतिमा स्थापित होने के मामले में कार्रवाई नहीं की, इसलिए उन्हें भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
कोट
लबकनी मामले में प्रथम दृष्टया आरोपी पाए गए कर्मचारियाें को निलंबित कर दिया गया है। सभी से स्पष्टीकरण भी लिया जाएगा। गांव में शांति व्यवस्था कायम है। लगातार इस पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जा रही है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
- मधुसूदन हुल्गी, डीएम