पिता के दाह संस्कार के बाद बेटों को कराया आइसोलेट
सिलीगुड़ी से लाश लेकर आ रहे थे घर, मेहरौना बॉर्डर पर पकड़े गए
पुलिस ने अपनी मौजूदगी में बरहज घाट पर कराया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। असम के सिलीगुड़ी से पिता की लाश लेेकर एंबुलेंस से घर जा रहे बेटों को बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ लिया। डॉक्टरों से वार्ता के बाद शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद पुलिस ने तीनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया है।
बरहज तहसील के तेलिया अफगान गांव निवासी भगवान चौहान असम के सिलीगुड़ी में बिजली निगम में कार्यरत थे और वहीं परिवार के साथ रहते थे। लॉकडाउन में इनकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। इनके बेटे शिवशंकर और अजीत एंबुलेंस से शव को लेकर घर के लिए चल दिए। उत्तर प्रदेश में दाखिल होते समय मेहरौना बॉर्डर पर लार पुलिस ने रोक लिया। पड़ताल करने के बाद एंबुलेंस को देवरिया के लिए पुलिस लेकर चली। एंबुलेंस मुसैला में मौजूद बरहज पुलिस के सुपुर्द कर दी। बरहज पुलिस एंबुलेंस को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों से सलाह के बाद सीधे शव को बरहज ले गए और वहीं पर दाह संस्कार कराने के बाद एंबुलेंस में मौजूद दो बेटे समेत तीन लोगों को लाकर पुलिस ने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। तीनों लोगों का सैंपल जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेज गया। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि एक शव को लेकर पुलिस आई थी। शव के साथ आए लोगों को अंतिम संस्कार के बाद क्वारंटीन कर दिया गया है।
कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में रहने वालों का दुबारा लिया गया सैंपल
देवरिया। कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में रहने वालों में सात लोगों का दोबारा सैंपल मंगलवार को गोरखपुर मेडिकल कालॅेज भेजा गया। जबकि बुखार डेस्क पर आए सात लोगों का सैंपल लक्षण के आधार पर लिया गया। मेडिकल कॉलेज अभी 50 से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इसलिए इनको क्वारंटीन किया गया है।
भैंसाडाबर और विशुनपुर कला में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद हॉट स्पॉट बना दिया गया है। गांव के एक-एक लोगों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है। सुरक्षा का इतने कड़े इंतजाम हैं कि पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में रहने वाले सात लोगों को क्वारंटीन सेंटर से आइसोलेशन वार्ड लाया गया और इनका सैंपल लेकर दोबारा जांच के लिए भेजा गया। जांच के लिए अस्पताल पहुंचे लोगों ने क्वारंटीन सेंटर में समय से भोजन नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं बुखार डेस्क पर आए 50 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और बुखार से पीड़ित लोगों को होम क्वारंटीन का सलाह दी गई। 50 से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की चिंता बढ़ी है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वालों की दोबारा जांच कराई जाएगी। सभी को अभी क्वारंटीन किया गया है। गांववालों पर भी नजर रखी जा रही है। कुशीनगर के हाटा में भी एक पॉजिटिव मिला है। इसलिए हेतिमपुर समेत कुशीनगर के बॉर्डर इलाकों पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
दो दिन क्वारंटीन के बाद गुजरात से आए दंपती को घर भेजा
लार। गुजरात से अपनी कार से पहुंचे एक दंपती को महज दो दिन क्वारंटीन के बाद एक अधिकारी की पैरवी पर छोड़ दिया गया। उसी वार्ड में पांच दिनों से क्वारंटीन लोगों को इसकी जानकारी हुई तो भेदभाव का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिए। मामला जब तूल पकड़ने पर प्रशासन ने आनन-फानन इन्हें भी होम क्वारंटीन करने के निर्देश देते हुए छोड़ दिया।
लार थाना क्षेत्र के रावतपार अमेठिया गांव निवासी एक दंपती अपनी चार साल की बेटी के साथ तीन दिनों पूर्व गुजरात से कार से रावतपार अमेठिया अपने गांव पहुंचा। किसी ने इस बात की जानकारी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बीबी सिंह को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने दंपती की थर्मल स्क्रीनिंग कराई। जांच में सभी का तापमान सामान्य पाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने गांव के प्राथमिक विद्यालय के क्वारंटीन सेंटर में रहने के निर्देश दिए। आरोप है कि महज तीन दिनों बाद ही दंपती को एक अधिकारी के निर्देश पर घर भेज दिया गया। इससे नाराज पांच दिनों से क्वारंटीन अन्य लोगों ने भेदभाव का आरोप लगा हंगामा खड़ा कर दिया। इस बात की भनक लगते ही अधिकारी ने बीडिओ को भेज क्वारंटीन लोगों को सपथ पत्र पर हस्ताक्षर करा छोड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी लोगों को होम क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी होते ही अधीक्षक डॉ. बीबी सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इस बाबत बीडीओ सुधा सिंह ने बताया कि गुजरात से आए दंपती के पास मेडिकल प्रमाण पत्र था। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थे। एसडीएम साहब के यहां उन्होंने मेडिकल प्रमाण पत्र दिखाया है। उन्हीं के निर्देश पर सभी को होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है। उधर, प्रधान प्रतिनिधि मथुरा सिंह ने बताया कि अन्य लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया है।
क्वारंटीन सेंटर में मारपीट करने वाले को पुलिस ने भेजा जेल
रामपुर कारखाना। पिपरा मदन गोपाल गांव में क्वारंटीन सेंटर में घुसकर युवक की पिटाई करने वाले युवक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल गांव के प्राथमिक विद्यालय पर क्वारंटीन सेंटर बना है। इसमें महुआबारी टोला के रामसागर गुप्ता (22) मुरादाबाद से 22 अप्रैल को गांव पहुंचा था। गांव पहुंचते ही उसे क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया गया। सोमवार को सुबह गांव के एक टोला का रहने वाला जौहर उर्फ जहूर ने रामसागर की बेल्ट से पिटाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। क्वारंटीन सेंटर में मौजूद अन्य लोगों ने बेल्ट से पिटाई करते हुए वीडियो मोबाइल में बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित युवक ने डीएम अमित किशोर को भी फोन कर घटना की जानकारी दी और वीडियो उनको भेजा। पुलिस इस मामले में आरोपी पर केस दर्ज कर लिया था। फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है और क्वारंटीन सेंटर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राजस्थान से बाइक से पिपराबाध पहुंचे तीन युवक
मईल। थाना क्षेत्र के तीन युवक राजस्थान से बाइक से अपने गाव पिपरा बांध पहुंचे। मंगलवार को घर पहुंचते ही इसकी सूचना प्रधान को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी जांच के बाद क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन तक रहने की हिदायत दी। प्रधान ने भागलपुर स्वास्थ्य विभाग को मंगलवार को सूचना दी कि उनके गांव में तीन युवक राजस्थान से बाइक से आए हैं। लॉकडाउन होने से काम बंद होने से काफी परेशानी हो रही थी। कोई साधन नहीं मिलने पर तीनों युवक राजस्थान से बाइक से सोमवार की देर शाम को गांव पहुंचे। उन्हें भी क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। प्रधान राकेश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीझ्म आई थी, बाहर से आए सभी युवकों की जांच के बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।
मुंबई से साइकिल से आया युवक क्वारंटीन
सलेमपुर। थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी युवक मुंबई में प्राइवेट काम करता है। सोमवार की देर शाम वह साइकिल चलाकर ही अपने गांव पहुंच गया। उसे देख ग्रामवासी कोरोना के डर से परेशान हो गए। इसकी सूचना किसी ने पुलिस को दी। रात में पुलिस उसके घर पहुंची, तो युवक घर से बाहर आने में आनाकानी करने लगा। पुलिस जबरन उसे लेकर प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में ले जाकर थर्मल स्क्रीनिंग कराए जाने के बाद 14 दिन तक के लिए क्वारंटीन कर दिया।