बलिया जेल से फरार रामश्रय यादव गैंग के दो लुटेरों सहित तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके पास से लूट की कार, तमंचा, कारतूस और 14 हजार रुपये बरामद हुए। सीआईयू (क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन यूनिट) ने बरहज, पैना में ईंट-भट्ठे के मुंशी और मऊ, घोसी में आभूषण कारोबारी की हत्या कर लूट का पर्दाफाश किया। सलेमपुर, पुरवां में हुई लूट में शामिल होने की बात पकड़े गए बदमाशों ने कबूल की है। पुलिस की जांच में पता चला कि रामश्रय यादव लूट और हत्या की घटनाओं में फिर से सक्रिय है। लुटेरों के गैंग में दरोगा का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह ने पुलिस लाइंस में शुक्रवार को लुटेरों को पेश किया। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को सलेमपुर ओवरब्रिज के पास पेट्रोल पंप कर्मचारी से करीब पांच लाख रुपये की लूट हुई थी। पुलिस बदमाशों की तलाश में लगी थी। सीआईयू प्रभारी अनिल यादव, सर्विलांस के बीबी सिंह को मुखबिर के जरिए लुटेरों के बारे में सूचना मिली। दोनों टीमें सलेमपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शशिकांत पांडेय के साथ महदहा तिराहे पर चेकिंग करने लगीं। इसी बीच कार में सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने घेरेबंदी कर तीन लोगों को पकड़ लिया। तीन अन्य अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे। गाड़ी के अंदर तमंचा, 14 हजार रुपये बरामद हुए। गिरफ्त में आए बदमाशों की पहचान मऊ जिले के मधुबन, परसिया जयराम गिरी निवासी रविंद्र कुमार यादव पुत्र सुरेश यादव, बरहज, मोहाव गांव निवासी सोनू यादव पुत्र सुरेंद्र यादव और तीसरे की पहचान सलेमपुर वार्ड-10 निवासी रिंकू सिंह पुत्र परमहंस सिंह के रूप में हुई। जांच में पता चला कि बलिया जेल से फरार रामश्रय यादव, सत्यप्रकाश यादव और राहुल साहनी मौके से फरार हुए हैं। पुलिस तीनों की तलाश में है।
इन घटनाओं का पर्दाफाश
एएसपी ने बताया कि फरवरी में बरहज, पैना में ईंट-भट्ठा मुनीम की हत्या कर 65 हजार की लूट हुई थी। इसमें रामश्रय यादव, सत्यप्रकाश और राहुल शामिल थे। 24 अप्रैल को मऊ, घोसी में सोना कारोबारी की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम रामश्रय यादव के लोगों ने दिया था। 10 अप्रैल को सलेमपुर ओवरब्रिज पर पांच लाख की लूट में रामश्रय यादव भतीजे रविंद्र यादव के साथ शामिल था। सोनू यादव ने पंप से मुखबिरी की थी। जबकि रिंकू सिंह के कहने पर लूट की घटना हुई। गोली सत्यप्रकाश यादव ने चलाई। 18 अप्रैल को पॉलिटेक्निक के पास दवा कारोबारी के एजेंट से साढ़े तीन लाख की लूट में रामश्रय यादव, सोनू यादव, राहुल साहनी और सत्यप्रकाश शामिल थे। मईल के बरठा चौराहे पर बाइक लूट और दिसंबर 16 को खुखुंदू थानाक्षेत्र के सरयों में कार लूट रामश्रय गैंग ने की। लूट की कार से सत्यप्रकाश चल रहा था। इसे पुलिस ने बरामद किया।
वांछितों की तलाश में पुलिस
फरार मऊ, मधुबन का रामश्रय यादव, बरहज, रायबारी निवासी सत्यप्रकाश यादव और उभांव बलिया निवासी राहुल साहनी की पुलिस तलाश कर रही है। सूत्रों ने बताया कि इन बदमाशों ने गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ, देवरिया और बनारस में कई लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया है। जेल से फरार होने के बाद रामश्रय यादव ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम दे रहा है।
बदमाशों को पकड़ने वाली टीम
उप निरीक्षक अनिल यादव, बीबी सिंह, शशिकांत पांडेय, सिपाही राहुल सिंह, विमलेश सिंह, रवि श्रीवास्तव, प्रशांत, प्रदीप, धनंजय, अरुण और रणजीत तिवारी शामिल थे।
आरोपी के भाई ने किया हंगामा
कोतवाली पुलिस ने लिया हिरासत में, जाएगा जेल
पुलिस के सामने भाई को बताया निर्दोष
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन सभागार में उस समय खलबली मच गई, जब एएसपी के पीछे खड़े होकर एक व्यक्ति लूट के पर्दाफाश पर सवाल खड़े करने लगा। हंगामा देखकर पुलिस ने पहले संयम दिखाया, बात नहीं बनी तो सलेमपुर प्रभारी कोतवाल ने आरोपी के भाई को धक्का देकर पुलिस लाइंस से बाहर करने की कोशिश की। जब वह नहीं माना तो पुलिस ने उसे कोतवाली के लॉकअप में बंद कर दिया। सुरक्षा में खड़े पुलिसकर्मी अधिकारी का मुंह ताकते रह गए। एएसपी ने इसे सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की बात कही।
शुक्रवार की दोपहर ढाई बजे के करीब पुलिस लाइंस में एएसपी एनके सिंह, सीओ सिटी अजय सिंह, सीओ सलेमपुर अजय राय, ट्रेनिंग सीओ रोहित यादव पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके पीछे लुटेरे और सीआईयू और सलेमपुर थाने के सिपाही मौजूद थे। इसी दौरान सफेद कुर्ता-पाजामा पहने एक व्यक्ति अंदर दाखिल हुआ और मीडिया गैलरी में आकर हंगामा करने लगा। उसकी पहचान सलेमपुर वार्ड-10 निवासी सुमेश्वर सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने जब उसे मनोरंजन कक्ष से बाहर किया तो हल्ला मचाने लगा। सुमेश्वर सिंह का आरोप था कि पुलिस फर्जी तरीके से रिंकू सिंह को जेल भेज रही है। वह मेरा भाई है। लुटेरा सतीश सिंह और सलेमपुर प्रभारी शशिकांत पांडेय मिलकर रंगदारी वसूलते हैं। उन्हीं के इशारे पर भाई को फंसाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच भी मिली हुई है। रिंकू सिंह भाटपाररानी मालवीय पीजी कॉलेज में अकाउंटेंट है। हंगामे के बाद एएसपी ने कहा कि रिंकू सिंह का रामश्रय से संबंध और लूट करवाने का आरोप है।