सूअर चराने गई दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के भरौली गांव में बृहस्पतिवार को सूअर चराने गईं दो बालिकाएं ताल में गिरकर गहने पानी में चली गईं। दोनों की डूबने से मौत हो गई। दोनों चचेरी बहनें थीं।
घटना की सूचना वहां मौजूद अन्य लड़कों के जरिए परिजनों को मिली। हालांकि परिजनों के पहुंचने से पहले अन्य लोगों ने दोनों को ताल से बाहर निकाला। दोनों की मौत हो चुकी थीं। परिजन शव लेकर घर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी।
भरौली गांव निवासी छाया कुमारी (12) पुत्री छोटेलाल बासफोड़ और खुशबू कुमारी (10) पुत्री स्व. पतरु, पड़ोस के कुछ बच्चों के साथ गांव के पश्चिम स्थित ताल के किनारे सुअर चराने गई थी। बताया जा रहा हैं कि दोनों बालिकाएं एक साथ थीं। सुअर चरते हुए पानी में चले गए। दोनों ने दो तरफ से सुअरों को घेरना चाहा।
इसी दौरान दोनों बालिकाएं गहरे पानी में चली गईं। वे डूबने लगीं। उन्हें डूबता देखकर वहां मौजूद दूसरे बच्चों ने शोर मचाया। बच्चों की आवाज सुनकर लोग वहां पहुंचे और बालिकाओं को पानी से बाहर निकाला। तब तक दोनों दम तोड़ चुकी थीं। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। एसओ नवीन चौधरी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा था। परिजन, दोनों शवों को दरवाजे पर लाकर रखे थे।
छाया और खुशबू अच्छी सहेली भी थीं
खुखुंदू। छाया और खुशबू चचेरी बहन होने के साथ-साथ अच्छी सहेली भी थीं। एक साथ दोनों क्षेत्र के टड़वा सरकारी स्कूल में पढ़ने भी जाती थीं। सुबह दोनों घर से साथ ही निकलीं और फिर दोनों के शव भी घर पर साथ लाए गए। छाया कक्षा चार और खुशबू कक्षा तीन की छात्रा थी। छाया तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी। खुशबू दो भाई और चार बहनों में सबसे छोटी थी। छाया की मां गुड्डी देवी और खुशबू की मां मुन्नी देवी घटना के बाद रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं।