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राप्ती नदी में डूबे दो चचेरे भाई

Sun, 07 Aug 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
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एकौना थाना के बकरुआ गांव में दो चचेरे भाइयों की नदी में डूबने से हुई मौत पर रोते-बिलखते घरवाले। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रुद्रप़ुर/एकौना। देवरिया जिले के भेड़ी ग्राम पंचायत के बकरुआ में दो चचेरे भाइयों की राप्ती नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों भाई अपनी बहनों के साथ नागपंचमी के अवसर पर नदी में पुतली पीटने गए थे। छोटे भाई को डूबता हुआ देख बड़ा भाई उसे बचाने के लिए नदी में कुदा लेकिन वह भी डूब गया। घटना रविवार की दोपहर एक बजे की है। मासूमों की डूबने से मौत के बाद भेड़ी गांव में नागपंचमी का त्योहार मातम में बदल गया।
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एकौना थाने के बकरुआ गांव के रहने वाले राजूूशंकर शुक्ला का बेटा धीरज शुक्ला 15 वर्ष और हरिशंकर शुक्ला का बेटा नीरज 18 वर्ष अपनी बहन कंचन, वंदना और अर्चना के साथ राप्ती नदी पर नागपंचमी को पुतरी दहवाने गए थे। परंपरा के अनुसार बहनों के पानी पुतरी फेंकने के बाद भाई उसे डंडे से पीटते हैं। धीरज पुतरी को पीटने के दौरान नदी में गिरकर डूबने लगा। यह देख उसका बड़ा भाई उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा।
देखते ही देखते दोनों भाई नदी में डूब गए। गांव के लोग तुरंत नदी में कूद कर दोनों बाहर निकाले, लेकिन नदी के बाहर निकलाते ही नीरज की मौके पर मौत हो गए। धीरज को लेकर लोग रुद्रपुर अस्पताल जा रहे थी कि उसकी भी रास्ते में मौत हो गए। धीरज आचार्य रामचंद इंटर कॉलेज सरांव में कक्षा नौ का छात्र था जबकि नीरज उसी स्कूल में कक्षा दस में पढ़ता था। धीरज के पिता बैंकाक जाने के लिए कलकत्ता पहुंच गए हैं।
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उसकी मां की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। नीरज के पिता हरिशंकर सूरत में रह कर कमाते हैं। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा है। एकौना पुलिस मौके पर पहुंच कर घटना की जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष ने कहा कि परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। शव का पंचनामा कर उसे परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा।
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