उसने बताया कि बुधवार की रात मां, पत्नी पार्वती, दिव्यांग भाई रामसागर व मेरी एक बेटी व दो बेटा रहते है। रात में सभी के साथ मां ने हंसी खुशी खाना खाया और सोने गए। रात में कब वह घर से निकल कर आत्महत्या कर ली। इसकी भनक मेरी पत्नी को भी नहीं लग सकी। उसने बताया कि समूह का किस्त तो हरदम जमा होता रहता है। उसे सूचना मिली है कि समूह से लिए लोन की किस्त के साथ दिव्यांग भाई को ले भी मां आये दिन चितिंत रहती थी। मां इतना बड़ा कदम उठा लेगी। इसे सपनों में नहीं सोचा था। बेटे ने बताया कि एक दिन पहले लोन किस्त को लेकर क्या हुआ था। इसकी जानकारी नहीं है।
गांव पहुंचने के बाद पूरे मामले की जानकारी होगी। इधर, सूचना पर पहुंची लार पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद रिस्तेदार व ग्रामीणों को शव सौंप। देर शाम भागलपुर सरयू तट के किनारे महिला का दाह संस्कार कर दिया गया। दिव्यांग बेटे रामसागर ने मां को मुखाग्नि दी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लार एसओ कपिल देव चौधरी ने बताया कि ट्रेन से कटकर एक महिला की मृत्यु हुई है। पीएम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। अगर परिजन तहरीर देते है तो कार्रवाई की जाएगी।
सूदखोरों से बचने के लिए ले रहे लोन, समूह वाले कर मानसिक व शारीरिक शोषण
सूदखोर साहूकारों के चंगुल से बचने के लिए सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए लोन दिया जा रहा है, लेकिन लोन का जाल इतना गहरा हो गया है कि इसमें जकड़ कर लोग अपनी जान गवां रहे हैं। लार थाना क्षेत्र के उकिना गांव निवासी शिक्षक ज्ञानेंद्र सिंह बुधवार की शाम से लापता है। उनके द्वारा भी समूह का पैसा लोन के रुप में लिया गया था। बुधवार को भागलपुर नदी पुल पर उनकी बाइक मिली थी। पर्स में एक सुसाइट नोट भी मिला था, इसमें नदी में कूद कर आत्महत्या कर लेने की बात कही गई थी। हालांकि मामला अभी यह संदेहास्पद है। पुलिस उनकी खोज में लगी हुई है। इसी बीच बृहस्पतिवार को लार थाना क्षेत्र के ही रेवली गांव की इंदुमती देवी ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। इंदुमती देवी ने समूह के तहत लोन देने वालों से डेढ़ लाख रुपए कर्ज लिया था। जिसकी रिकवरी के लिए भाटपार व सलेमपुर के एजेंट इंदुमती पर दबाव बना रहे थे जिससे विवश होकर अंततः इंदुमती ने अपनी जान दे दिया।