दहेज हत्या के मामले में बुधवार को अपर जिला जज (प्रथम) ने सास को दोषी पाते हुए सात साल की सजा सुनाई। उन पर चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह सोनू के अनुसार भटनी थानाक्षेत्र के चौथिया गांव निवासी स्वामीनाथ प्रसाद की बेटी रीमा की शादी सात जून-2010 को भाटपाररानी थानाक्षेत्र के भेड़ा पाकड़ गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र इंद्रदेव के साथ हुई थी।
आरोप है कि एक लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर सात मई-2015 को सास पतलेसिया, ननद छट्ठी, अंजू, पति सुरेंद्र और ससुर इंद्रदेव ने मिट्टी का तेल रीमा के शरीर पर फेंक दिया और आग लगा दी। इससे रीमा गंभीर रूप से झुलस गई।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता स्वामीनाथ ने भाटपाररानी थाने में दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान अपर जिला जज (प्रथम) रजनीश कुमार ने आरोपी सास पतलेसिया को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सात साल की कैद और चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। सुरेंद्र, छट्ठी और अंजू साक्ष्य के अभाव में बरी हो गईं। न्यायिक अभिरक्षा में लेकर पतलेसिया देवी को जेल भेज दिया गया।