देवरिया। जिले में वीआईपी आगमन और सरकारी कार्यक्रमों के लिए अस्थाई हेलीपैड बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लोक निर्माण विभाग छह करोड़ रुपये की लागत से तीन स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराने की तैयारी में है।
इसके लिए तहसील प्रशासन ने जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को भेज दी है। पीडब्ल्यूडी ने कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, देवरिया तहसील के देसही देवरिया और पथरदेवा ब्लॉक, सलेमपुर तहसील के भटनी ब्लॉक अंतर्गत सलहपुर गांव में स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे।
शासन से मंजूरी मिलने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराएगा। वर्तमान में जिले में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं, जिस पर हर वर्ष लाखों रुपये तक खर्च होते हैं।
स्थायी हेलीपैड बनने से न सिर्फ सरकारी धन की बचत होगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। विभागीय योजना के अनुसार, प्रत्येक हेलीपैड का आकार 50×50 मीटर होगा।
एक हेलीपैड के निर्माण पर करीब 62.86 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सुरक्षा के दृष्टिकोण से चहारदीवारी निर्माण पर करीब 47.50 लाख रुपये तथा पहुंच मार्ग के निर्माण पर अलग से धनराशि खर्च होगी।
तीनों हेलीपैड के निर्माण पर करीब छह करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है।