बीती रात चोरों ने बरहज के कटइलवा गांव स्थित सोनावे मंदिर से लाखों के जेवरात चुरा ले गए। चोरी की जानकारी होते ही आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ जुट गई। घटनास्थल पर पूरे दिन फोरेंसिक टीम देवरिया और विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर की टीम सहित आलाधिकारी जमे रहे। मंदिर के हर एक बिंदु पर छानबीन की। एसपी ने 48 घंटे में पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया है।
सोनावे मंदिर में मां दुर्गा के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति अलग-अलग मंदिरों में स्थापित है। करीब चौदह दिनों से रमेश तिवारी और उनकी मां मंदिर में रहकर पूजा अर्चन का कार्य करती हैं। इनके अलावा मंदिर परिसर में गौरा गांव के खाली टोला निवासी रामबचन पासी और कामेश्वर पाण्डेय उर्फ मृदंगी भी सोते हैं। लेकिन घटना की रात उन्हें घर पर होना बताया जा रहा है। रोज की भांति गुरुवार की रात पूजा पाठ के बाद लोग सोने चले गए। लेकिन अगली सुबह दुर्गा मंदिर के उत्तरी फाटक पर लगा ताला आरी ब्लेड से कटा मिला और मां दुर्गा का किए गए श्रृंगार में चांदी का मुकुट, सोने की नथिया, कान की बाली, सोने के नेत्र और माथे पर लगाई गई चार सोने की बिंदी गायब मिली। जिसकी अनुमानित कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में दो को हिरासत में लिया है। फोरेंसिंक टीम देवरिया के दिलीप पाण्डेय और सत्येंद्र पाल के अलावा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने नमूने लिए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने बताया कि चोरों ने मंदिर से जेवरात तो चुराए ही हैं। लोगों के आस्था को भी आहत किया है। मामले का खुलासा जल्द कर लिया जाएगा।
इससे पहले भी दो बार हो चुकी है चोरी
बरहज। कटइलवा गांव स्थित भव्य सोनावे मंदिर पर पूजा-अर्चन के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुटती है। मन्नतें पूर्ण होने पर श्रद्धालु मां को चढ़ावा चढ़ाते हैं। जनसहयोग से मां का शृंगार सोने-चांदी के जेवरातों से किया जाता है। लोगों का कहना है कि करीब पांच साल पूर्व मंदिर से ही मां का चांदी का मुकुट और एक घंटा और 2015 में चोरों ने चांदी के मुकुट, चांदी का प्लेट, गिलास, कटोरी, चम्मच आदि पर भी हाथ साफ कर चुके हैं। जिसका आज तक खुलासा नहीं हो सका है।