देवरिया। विदेश जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना पाले जिले के बेरोजगार युवक कर्ज के बोझ के तले दबे जा रहे हैं। विदेश भेजने वाले एजेंटों की भरमार है। इन जालसाजों का नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक फैला हुआ है।
इनके नेटर्वक में शामिल युवक बेरोजगारों को टारगेट करते हैं। पहले बेरोजगार युवकों को भी अच्छी कमाई का झांसा देते हैं। इसके बाद जालसाजी कर ठगों का गिरोह उन्हें कर्जदार बना दे रहा है। खेत बंधक रखकर और कर्ज लेकर विदेश जाने की कोशिश में युवा का जालसाजी के शिकार हो रहे हैं।
ओमान, मलेशिया और दुबई सहित अन्य देशों में भेजने के नाम रुपये वसूले जा रहे हैं। विदेश नहीं भेज पाने में असफल होने और रुपये वापस मांगने वालों का दबाव बढ़ता देख जालसाज सारा माल समेटकर फरार हो जा रहे हैं। देवरिया शहर व ब्लाक क्षेत्रों में अपंजीकृत संस्थाएं मोटी रकम लेकर फर्जी वीजा और टिकट थमा दे रही हैं। छह माह पहले जिले में 300 से अधिक युवकों ने अपने परिवार की गाढ़ी कमाई और कर्ज लेकर एजेंट को दिया था।
उन्हें नौकरी भी नहीं मिली, दिए गए पैसे डूब गए और पासपोर्ट से भी गंवाना पड़ा। इसके बाद पीड़ित थाने और पुलिस का चक्कर लगाते थक जाते हैं। बीते मार्च में शहर के पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक ने करीब 120 युवकों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिया। इसके बाद मुंबई फ्लाइट भेजने के लिए रवाना कर दिया। युवक जब मुंबई पहुंचे तो उनका टिकट कैंसल करवा एजेंसी बंद कर फरार हो गए। वह कहीं बाहर से आया और कुछ लोगों को विदेश भेजा भी था। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा तो उसे रुपये दे दिए।
इसके बाद फर्जी वीजा देकर वह फरार हो गया। सबसे अहम बात यह है कि एजेंसी से जुड़े लोग अपना नाम व पता भी गलत दर्ज कराए थे। इसी तरह सीसी रोड स्थित मरहबा एजेंसी ने भी करीब 80 युवकों से विदेश भेजने के नाम पर ठगी कर ली। सीसी रोड एजेंसी के संचालक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एजेंसी से 50 पासपोर्ट बरामद कर उसी दिन मौजूद 25 युवकों के बीच कागजी कार्रवाई कर वितरित कर दिया था। कसया थाने में लावारिस हालत में करीब 58 पासपोर्ट एक पैकेट में पहुंचा था। ये पासपोर्ट देवरिया के ठगी के शिकार युवकों के थे। पासपोर्ट भेजने वाले का नाम-पता गलत मिला था। इसके बाद कसया पुलिस ने देवरिया पुलिस को जानकारी दी। केस के आईओ पासपोर्ट लेकर पहुंचे और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद 35 युवकों के बीच पासपोर्ट का वितरण कर दिया था।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाली दो एजेंसियों ने करीब 200 युवकों का पासपोर्ट रख लिया। इसमें से महज 110 पासपोर्ट ही बरामद हो सका था। अभी भी करीब दर्जनों युवक अपना पासपोर्ट लेने के लिए थाने आकर जानकारी लेते रहते है। वहीं कई युवकों ने नया पासपोर्ट बना लिया।
पहले भी आ चुके हैं ठगी के मामले
रामपुर कारखाना के गौरा निवासी सानू ने बताया कि उनके सहित उनके गांव के आठ युवाओं को एजेंट ने टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया था। वे फर्नीचर के कारीगर हैं। उनके साथ गया हुआ युवक कंप्यूटर में प्रशिक्षित था। जब वे वहां पहुंचे तो सभी लोगों को मेन सप्लाई में लगा दिया और सभी से श्रमिक का कार्य कराया जा रहा था। उन्होंने मालिक से मुलाकात की तो वापस आ सके।
मुकदमा दर्ज कराया तो एजेंट ने रुपये वापस करके सुलह कराया। महुआडीह में चिकन की दुकान चलाने वाले अबरार नाम के व्यक्ति ने एजेंट के माध्यम से मलेशिया और दुबई भेजने के लिए रुपये जमा करवाया, लेकिन बाद में बताया कि एजेंट फरार हो गया है। उसके बाद केस दर्ज किया गया तो उसने सक्षम लोगों के रुपये वापस किया।