संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में जलनिकासी के लिए हनुमान मंदिर, खोराराम रोड पर कुर्ना नाला तक बन रही वाॅटर ड्रेनेज परियोजना को मुकाम नहीं मिल सका है। यह परियोजना तीन साल बाद भी अधूरी है। परियोजना कब पूरी होगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कार्यदायी संस्था इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने की बात कह रही है।
शहर में जलभराव की विकट समस्या को देखते हुए जल निगम ने 2021 में 8.75 किमी लंबे आरसीसी स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियाेजना तैयार कर नाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। 12.95 क्यूसेक जल निकासी क्षमता की इस परियोजना की लागत 45 करोड़ रुपये आंकी गई।
शासन में विचार के बाद 41.33 करोड़ रुपये की स्वीकृत हुई। नवंबर 2021 में मुख्यमंत्री ने इसका शिलान्यास किया। जनवरी 2022 में इसका निर्माण शुरू हुआ। इसे दो साल में जनवरी 2024 में पूरा किया जाना था, पर परियोजना को कार्यदायी संस्था अभी भी अमली जामा नहीं पहना सकी है।
अमेठी रोड पर कुर्ना नाला से शुरू हुई परियोजना अभी रामनाथ देवरिया में आदित्य मणि के मकान तक ही पहुंच पाई है। यहां से इसको करीब डेढ़ किमी दूर हनुमान मंदिर तक जाना है। इस दूरी को तय करने में कई अड़चने हैं।
इसकी जिम्मेदारी संभालने वाली फर्म नंद एंड संस के परियोजना इंचार्ज रामनाथ गुप्त ने बताया कि परियोजना में देरी की वजह के पीछे आईजीआरएस और एनजीटी में शिकायते रहीं हैं। इसके निस्तारण के बाद आगे की मकानें बाधक है। प्रशासन के सहयोग से आगे की जगह खाली कराई जा रही है। नाला निर्माण में तेजी लाई जा रही है।