बनकटा। क्षेत्र की लगभग दो लाख से अधिक की आबादी यातायात सुविधाओं की अनुपलब्धता से जूझ रही है। साधनों की समुचित सुविधा नहीं होने से बनकटा, रामपुर बुजुर्ग, प्रतापपुर, हरेराम चौराहा, सोहनपुर, अकटही से जिला मुख्यालय जाने वाले यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों को आटो, टेम्पो अथवा निजी वाहनों का सहारा लेकर यात्रा पूरी करनी पड़ती है। इसके कारण लोगों का समय व धन दोनों अधिक खर्च होता है।
क्षेत्र से जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 50 किमी है। वहीं जिला मुख्यालय पर जाने के लिए परिवहन निगम की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र के अहिरौली बघेल निवासी एवं आरटीआई कार्यकर्ता ने कुछ दिनों पूर्व आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए क्षेत्र से जिला मुख्यालय को जाने के लिए यात्री बस चलाने की मांग की थी।
शिकायत पर कुछ दिनों तक प्रतापपुर से देवरिया के लिए एक यात्री बस चलाई गई, बाद में उसका संचालन भी बंद कर दिया गया। ऐसे में यात्रियों के लिए परिवहन निगम की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं होने से जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
अहिरौली बघेल निवासी आंनद सिंह ने कहा कि उनके मांग पर मात्र दो दिन यात्री बस का संचालन किया गया उसके बाद बंद कर दिया गया है। पुनः संचालन के लिए वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग करेंगे। पचरुखिया गांव के निवासी रामाश्रय यादव ने कहा कि मरीज अथवा महिलाओं को जिला मुख्यालय जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बंजरिया गांव के विकास पांडेय ने कहा कि रिजर्व गाड़ी अथवा निजी वाहन से जाने पर दोगुना व्यय होता है और समय की बर्बादी भी होती है। सरकार को परिवहन की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।