देवरिया/सोनूघाट। जिले में महायोजना 2031 के तहत नगर पालिका की सीमा से सटे सदर ब्लाॅक के परसिया अहिर गांव को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। इसके तहत पार्क, खेल का मैदान, औद्योगिक प्लांट लगाने के लिए जमीन का चिह्नांकन शुरू कर दिया गया।
प्रधान फणींद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मंगलवार को राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम से मिलकर समस्याएं रखीं। प्रधान ने कहा कि महायोजना का सभी ग्रामीण स्वागत करते हैं। लेकिन, एक ही गांव को जिला प्रशासन की ओर से बार-बार टार्गेट करना कहीं न कहीं दाल में काला नजर आता है।
जिला प्रशासन पहले ही गांव की लगभग आधी भूमि ब्लाक, मंडी समिति व कुष्ठ आश्रम के नाम पर ले चुकी है। इसके बाद फिर से इसी गांव को ग्रीन जोन में शामिल कर अपनी मंशा जगजाहिर कर दी।
किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन की मदद से शासन अब परसिया अहिर के ग्रामीणों को भूमिहीन बनाने पर तुली हुई है। शासन को उनके मंसूबों में किसी कीमत पर परसिया अहिर के ग्रामीण कामयाब नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए आंदोलन, आमरण अनशन न करना पड़ जाए। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने डीएम दिव्या मित्तल से फोन पर वार्ता की। वार्ता के दौरान डीएम ने राज्यमंत्री से कहा कि अभी जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं होने जा रही है। इधर राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लेकर वह राज्यपाल से मिलेंगी। इसके बाद ग्रामीण लौट आए।
राज्यमंत्री से मिलने वालों में अमरनाथ तिवारी, दिवाकर नाथ तिवारी, फणीश मिश्र, धनंजय तिवारी, यदुवंश मिश्र, संजय तिवारी, चंचल तिवारी, राकेश तिवारी, मानसेन गौतम, सुनील नाथ तिवारी, विंध्याचल मिश्रा आदि लोग शामिल थे।
डीएम के बयान पर भड़के ग्रामीण, कहा- ढुलमुल रवैया न अपनाए प्रशासन : राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम से मिलने के बाद डीएम की तरफ अभी खेती करने और स्थिति स्पष्ट नहीं करने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि डीएम एक तरफ अभी खेती करने बात कह रही हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन की तरफ से जमीन की रजिस्ट्री रोक दी गई थी।
नक्शा भी पास नहीं हो रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद ही ग्रामीणों में आक्रोश चरम पर है। उन्होंने जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए शासन की मिलीभगत से भूमिहीन बनाने पर तुली है। राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम में मिलने के बाद ग्रामीणों ने आपात बैठक की। एक साथ तीन पार्क, खेल मैदान व औद्योगिक प्लांट के नाम पर 200 एकड़ की भूमि अधिग्रहण को लेकर बुधवार को डीएम से मिलने वाले कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार की।
भूमि अधिग्रहण हुआ तो 32 किसान हो जाएंगे भूमिहीन
परसिया अहिर गांव में करीब 200 घर है। उनकी आबादी छह हजार के करीब है। गांव में पहले 1550 एकड़ भूमि उपलब्ध थी। ब्लॉक, मंडी समिति व कुष्ठाश्रम के नाम पर लगभग 450 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर निर्माण कराया जा चुका है।
गांव में अब महज 900 एकड़ जमीन शेष है। इसमें महायोजना के तहत 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। ऐसे में महज 700 एकड़ भूमि शेष बच जाएगी। महायोजना के तहत 200 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर गांव के 32 किसान ऐसे हैं, जो भूमिहीन हो जाएंगे।
जानकारी नहीं होने से नहीं दर्ज करा पाए आपत्ति : ग्राम प्रधान फणींद्र नाथ तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों को एक माह का समय मिला था। चूंकि हम ग्रामीण अंचल में रहते हैं। सभी को इसकी सूचना नहीं मिली। समय से राजस्व टीम ने सूचना नहीं दी।