केस हारने के बाद मजार पक्ष ने प्रशासन को मजार को स्वेच्छा से हटाने की लिखित सहमति दी थी। इसके बाद प्रशासन ने मजार के सामने रविवार को पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने मजार का मुआयना किया। सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी, सदर कोतवाली विनोद कुमार मिश्र, तहसीलदार केके मिश्र ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार तिवारी भी मौके पर रहे। मजार कमेटी के अध्यक्ष राशिद खां और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। शाम करीब चार बजे तीन जेसीबी से मजार तोड़ने का काम शुरू हो गया। मजार तोड़ने की यह कार्रवाई देर रात तक चलती रही। इस दौरान मजार के सामने वाली सड़क के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के पास और दूसरी तरफ कुर्ना नाले के पास बैरिकेडिंग किया गया था। दोनों जगहों पर पुलिस फोर्स तैनात था। वहीं फोरलेन पर पुरवां तिराहे से बड़े वाहनों को बीआरडीपीजी के रास्ते शहर में और हाटा रोड की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
मजार पक्ष ने अपनी स्वेच्छा से अवैध मजार हटाया। प्रशासन व पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और मजार गिराने के दौरान कोई हादसा नहीं हो इसके लिए मौके पर मौजूद रहा:
श्रुति शर्मा, एसडीएम सदर