साथ ही शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी थी कि 2021-22 में एक अस्थायी शेड का निर्माण किया गया है। वहीं, दूसरा शेड निर्माणाधीन है जिसे अक्तूबर 2025 तक पूरा किया जाना था। कोर्ट ने मामले में कैबिनेट मंजूरी को पहला महत्वपूर्ण चरण मानते हुए अगली सुनवाई आठ जनवरी 2026 को तय की थी और अस्थायी शेड का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे।
आठ जनवरी 2026 को सुनवाई में सरकारी पक्ष कैबिनेट मंजूरी के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। यूपीएसआरटीसी की ओर से यह जरूर बताया गया कि केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को पीपीपी परियोजनाओं के लिए नया मॉडल आरएफपी जारी किया है और फरवरी 2026 में विज्ञापन जारी करने की तैयारी है।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक सितंबर 2025 के आदेश के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाया जाना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए एक बार फिर अंतिम मौका दिया। कहा कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो न्यायालय को कठोर कदम उठाने पड़ेंगे। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को होगी।