संवाद न्यूज एजेंसी भाटपाररानी/रामपुर बुजुर्ग। बनकटा थाना क्षेत्र के प्रताप छापर के पास दो जुलाई को 13 वर्षीय खुशी का शव संदिग्ध हालात में मिला था। पुलिस के अनुसार, किशोरी की हत्या संपत्ति हड़पने के लिए की गई थी।
उधर, जांच-पड़ताल के बाद बिहार के मैरवा पुलिस ने शनिवार को मैरवा थाना क्षेत्र के बडगांव गांव में बुआ आरती देवी के घर रहने वाली खुशी की हत्या के आरोप में उसके बड़े पापा देवनाथ कुशवाहा, पत्नी धर्मशिला देवी, भाई अजीत कुमार और आदित्य कुमार निवासी उपाध्याय छापर थाना मैरवा, जिला सिवान बिहार पर केस दर्ज किया है।
चर्चा है कि दो आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। खुशी का भाई भी बुआ के यहां से एक माह से लापता है। पुलिस उसकी ्तलाश में जुटी हुई है। बता दें कि खुशी के पिता शिवजी सिंह कुशवाहा की मौत के बाद मां ने दोनों संतानों खुशी और उसके भाई को छोड़कर दूसरी जगह चली गई थी। खुशी और उसका भाई बुआ के यहां रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे।
एक माह पहलेे भाई लापता हो गया था। दो जुलाई को खुशी का शव प्रताप छापर गांव के पास झाड़ी में मिला था। लोगों की सूचना पर बनकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल पर पहुंची बुआ से शव की शिनाख्त कराई थी।
इस मामले में बनकटा पुलिस ने मैरवा पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित घटना की विवेचना सौंप दी है। थानाध्यक्ष मैरवा भरत साह ने बताया कि मामला संपत्ति हड़पने का है। खुशी की बुआ आरती देवी की तहरीर पर चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।