संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छह माह के लिए पैरोल पर बाहर आई महिला कैदी शिल्पी चतुर्वेदी को थप्पड़ जड़ने का की हालत में था। परिवार वालों का कहना है कि प्रदीप के अधिक नशा करने पर उससे कोई बात नहीं करता है।
बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजेे वह नशे की हालत में घर पहुंचा। परिवार के सदस्य एक साथ खाना खा रहे थे। प्रदीप भी खाना खाने के लिए बैठ गए। जब उससे किसी ने बात नहीं की तो नाराज होकर बहन को थप्पड़ जड़ दिया।
पुलिस और गांव वाले इस बात की चर्चा कर रहे हैं, मगर दर्ज केस में इसका उल्लेख नहीं है। पिता रमेश चतुर्वेदी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी भाई प्रदुम्न उर्फ प्रदीप चतुर्वेदी पर नशे मारपीट का केस दर्ज किया है।
वारदात के तत्काल बाद शिल्पी की सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने मौके पर पुलिस फोर्स बुला ली थी। हालांकि, एसपी विक्रांत वीर ने लापरवाही बरतने पर दोनों सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
बता दें कि खुखुंदू थाना क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव निवासी 48 वर्षीय अनिल चतुर्वेदी का चार मार्च 2023 की रात पटीदारों से सहन की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। मामला इतना बढ़ गया था कि पटीदारों ने अनिल पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया था। इससे अनिल की मौत हो गई थी। पुलिस ने अनिल की बहन कल्पना की तहरीर पर गांव निवासी प्रद्युम्न उर्फ प्रदीप चतुर्वेदी, रमेश चतुर्वेदी, शिल्पी चतुर्वेदी, आशीष उपाध्याय और सूरज पर हत्या और बलवा का केस दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक, महिला कैदी शिल्पी के पिता रमेश चतुर्वेदी और आरोपी भाई प्रदुम्न उर्फ प्रदीप चतुर्वेदी जमानत पर बाहर हैं, जबकि शिल्पी जेल में ही थी। अप्रैल में वह छह माह के पैरोल पर बाहर आई है।
उधर, आरोपी प्रदीप को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर कल्याण सिंह सागर ने बताया कि पिता की तहरीर पर प्रदीप चतुर्वेदी पर मारपीट का केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने नशे की हालत में विवाद होने की बात पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।