लार। कस्बे के शास्त्री नगर वार्ड में डेढ़ साल पहले हुई किराना व्यवसायी की पत्नी चंद्रावती हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस को घटनास्थल पर दुबारा सीन क्रिएट करना था। इसके लिए रिक्रिएशन टीम को बुलाने के लिए पत्र भी भेजा गया। लेकिन आज तक न तो टीम आई, न ही घटना का खुलासा हुआ।
व्यवसायी घनश्याम गुप्ता के परिवार के सभी सदस्य 13 नवंबर 2024 को काम पर गए थे। घर में अकेली 60 वर्षीय पत्नी चंद्रावती देवी थी। इसी बीच घर में घुसे बदमाशों ने सिर में बाई तरफ प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। घर के दूसरे फ्लोर पर रखे अलमारी को तोड़ 10 लाख रुपये नकद सहित सोने के जेवरात लूट बदमाश फरार हो गए थे।
तत्कालीन एसपी संकल्प शर्मा ने इंस्पेक्टर कपिलदेव चौधरी को हटाकर इंस्पेक्टर उमेश बाजपेयी को थाने की कमान सौंपते हुए घटना के खुलासे का निर्देश दिया। छह माह तक पुलिस की आठ टीमें बिहार के गोपालगंज, सिवान और यूपी के हरदोई समेत कई जिले में बदमाशों की तलाश में घूमती रही। साथ ही आस पास सहित कस्बे के अलग अलग वार्ड के 500 से अधिक लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। इसके अलावा अब तक दो हजार से अधिक नंबरों का काल डिटेल्स खंगाला जा चुका है। कोई अहम सुराग हाथ नहीं लग सका। यह देख क्राइम रिक्रिएशन टीम को मौके पर बुला वारदात के दिन का क्राइम सीन रिक्रिएट कराने की कोशिश की। स्थानीय पुलिस को भी लगा बदमाशों तक पहुंचना आसान हो जाएगा, लेकिन आज तक टीम नही पहुंची। संवाद