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Deoria News: छात्र के परिजन बोले- बेनकाब हुआ पूर्व प्रधानाचार्य का झूठ

Thu, 18 Sep 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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कुशीनगर में देसही देवरिया क्षेत्र के छात्र की हत्या का मामला, बेटे को याद नहीं बंद हो हीं सिसकियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। क्षेत्र के एक गांव के छात्र की कुशीनगर के हाटा में हत्या के बाद पूरा परिवार काफी सदमे में है। हत्या से एक दिन पहले छात्र ने फोन कर अपनी मां से बात की थी। कहा था कि जिवित्पुत्रिका पर्व पर दो दिन के लिए घर आएगा, मगर किसे पता था कि वह हमेशा के लिए घर नहीं लौटेगा। शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का पीड़ित परिवार में घर पहुंचना जारी है।
महुआडीह थाना क्षेत्र के एक गांव के पीड़ित परिजनों के घर बुधवार को भी मातम छाया रहा। परिवार के सदस्य बेटे की जघन्य हत्या को याद कर रो रहे थे। घर पर सगे संबंधियों का आना-जाना जारी रहा। ढांढस बंधा रहे लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। छात्र की मां के आंसू थम नहीं रहे। उन्होंने बताया कि हत्या से एक दिन पहले बेटे ने विद्यालय के मोबाइल से घर फोन कर सबका हाल चाल पूछा। मां ने कहा कि बेटा घर कब आओगे तो बताया कि शनिवार को जिऊतिया पर्व पर दो दिन के लिए घर आऊंगा। फिर सोमवार की सुबह विद्यालय आ जाऊंगा। पर उसे नहीं पता कि अगले दिन इस तरह उसकी हत्या हो जायेगी। जिस बेटे की लंबी उम्र की जिस दिन मां व्रत रखेगी, उसके पहली रात इस तरह हत्या कर दी जाएगी। दादा पोते को खोकर अपनी पीड़ा नहीं रोक पा रहे। उन्होंने बताया कि जिन हाथों से चलना सिखाया, इन्हीं हाथों से अंतिम संस्कार किया। रुंधे हुए गले से कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ बृहस्पतिवार की रात को सोया था। रात नौ बजे के करीब बाहर पेशाब करने निकला। इसी बीच परिसर में ही रह रहे पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय ने उसे अपने पास बुलाया। उसके साथ कुकर्म करने का प्रयास किया। नहीं मानने पर गला दबाकर हत्या कर फंदे से शव को लटकाकर बच्चों को दिखाया कि छात्र ने आत्महत्या कर लिया है। मगर, उसका झूठ बेनकाब हो गया है।
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पुलिस ने की मनमानी



पीड़ित परिवार ने पुलिस पर मामले में मनमानी का आरोप लगाया है। कहना है कि हत्या के बाद प्रबंधक, उसके बेटे, बहू और प्रधानाचार्य पर हत्या का नामजद तहरीर दिया गया था, लेकिन पुलिस ने बहू पर केस दर्ज न करके प्रभुनाथ के दूसरे बेटे को केस में शामिल कर लिया। इस बात को लेकर पीड़ित पक्ष ने मंगलवार को हाटा कोतवाली में आवाज भी उठाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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छात्र ने जान बचाने के लिए किया था संघर्ष

छात्र के दादा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेटे की गला दबाकर हत्या की बात सामने आई है। बांह सहित शरीर पर कई जगह खरोच और चोट के निशान हैं। इससे साफ है कि उसने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। यह कहते हुए फफक पड़े कि नाती बहादुर व साहसी था। जीवन के अंतिम समय तक हिम्मत नहीं हारी। अफसोस है कि कोई उसका साथी मदद नहीं कर पाया।
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