देवरिया। रसोई गैस की किल्लत के बीच नए-नए नियम और भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। मांग और आपूर्ति के बढ़ते अंतर को कम करने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन बाद का नियम लागू कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब दूसरा विकल्प ढूंडना पड़ेगा।
जिले में 781149 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनके लिए जिले में 78 गैस एजेसियां हैं। इनमें से 24 शहरी क्षेत्र में और 54 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। रसोई गैस का संकट शहरी उपभोक्ताओं की तरह ही ग्रामीण क्षेत्र में भी है। वजह यह कि पिछले वर्षो में उज्जवला गैस कनेक्शन बंटने के बाद लगभग हर घर में अब खाना रसोई गैस पर ही बनने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र में भी अब लकड़ी का चूल्हा लगभग खत्म हो चुका है।
ऐसे में रसोई गैस के लिए ग्रामीण उपभोक्ता भी उतने ही परेशान हैं, जितने शहरी। रविवार को एजेंसियों पर बुकिंग के लिए गए उपभोक्ताओं को बताया गया कि अब उनकी बुकिंग 45 दिन बाद होगी। अभी तो लोग 25 दिन के नियम में ही उलझे हुए थे, तब तक 45 दिन का मामला सामने आने के बाद उलझन और बढ़ गई।