रुद्रपुर। तिघरा-मराछी बांध पर जगह-जगह रेनकट और रैटहोल हैं। इधर राप्ती और गोर्रा नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर और जर्जर तटबंधों के हालात देखकर 116 गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
दो दिन के ठहराव के बाद बुधवार को गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हुई। गोर्रा नदी पिड़रा घाट पर 68.40 मीटर और राप्ती नदी भेड़ी में 68 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियों के जलस्तर में 24 घंटे में पांच-पांच सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से बांधों पर कटान तेज होता जा रहा है। राप्ती नदी के 13 किमी लंबे तिघरा मराछी बांध पर जगह-जगह रैट होल बने हुए हैं। इन्हें पाटने के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके बंधे के हालात नहीं सुधर रहे। नीबा और भेड़ी गांव के पर बंधे पर बने बड़े-बड़े गड्ढो के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। तिघरा और मराछी पर कटान स्थल पर स्थिति भयावह बनी है। बांध कटा तो दोआबा के 52 गांवों में राप्ती नदी से प्रलयंकारी बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। गोर्रा नदी पिड़रा घाट के एप्रोच, पिड़री, पांडेय माझा, जोगिया सरमोहना बांध पर जगह-जगह दबाव बना रही है। ग्रामीण सिकंतर यादव, रामबहाल, देव प्रताप सिंह, राजेश चतुर्वेदी आदि ने कहा कि बांधों की मरम्मत में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया। नदी का पानी बंधे तक आ गया और अब तक रेन कट्स भी नहीं भरा जा सका।