देवरिया। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और रोजाना जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए पड़री मल्ल गांव के पास स्थित रेलवे ढाला संख्या-127 पर सड़क ओवरब्रिज (आरओबी) जरूरी है। महुआनी-सोनूघाट रोड स्थित इस ढाले पर ओवरब्रिज प्रस्तावित है, लेकिन करीब छह महीने से यह फाइलों में ही अटका है।
यहां ओवरब्रिज बन जाने से न सिर्फ शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि कसया, सलेमपुर और बरहज की ओर जाने वाले हजारों वाहन चालकों का सफर भी आसान हो जाएगा। कसया रोड से एक सड़क निकलकर पड़री मल्ल रेलवे ढाला पार करते हुए सोनूघाट तक जाती है। यह मार्ग देवरिया शहर के लिए बाईपास है, क्योंकि इसी रास्ते से होकर कसया की तरफ से आने वाले वाहन सलेमपुर और बरहज की ओर जाते हैं। इस सड़क पर हर रोज करीब सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। इनमें बड़ी संख्या में भारी वाहन शामिल हैं।
ये वाहन कसया बाईपास से होकर सीधे महुआनी चौराहा होते हुए सोनूघाट पहुंचते हैं। यहां से कुछ वाहन सलेमपुर की ओर मुड़ जाते हैं, जबकि कई बरहज की तरफ चले जाते हैं। भारी वाहनों की अधिकता के चलते ढाला बंद होने पर जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार 15 से 20 मिनट तक ढाला बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने यहां सड़क ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव बनाया है। प्रस्ताव के अनुसार यह ओवरब्रिज करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 940 मीटर होगी, जबकि चौड़ाई 11.5 मीटर रखी जाएगी। पुल के दोनों ओर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी बनाया जाएगा, ताकि राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
ओवरब्रिज के निर्माण में करीब 32 पिलर (पाए) बनाए जाएंगे। पुल को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा और इस पर स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था होगी, जिससे रात के समय भी वाहन चालकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आरओबी बन जाने के बाद ढाला बंद होने का झंझट खत्म हो जाएगा और वाहन बिना रुके फर्राटा भरते हुए गुजर सकेंगे। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ समय की भी बड़ी बचत होगी।