महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज की ओपीडी में मरीज देख रहे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप गुप्त
देवरिया। पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदलते मिजाज ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिन में खिल रही तेज धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है, जिसके कारण लोग भारी गर्म कपड़े, टोपी और मफलर छोड़ चुके हैं। यही लापरवाही अब भारी पड़ रही है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी में गले में खराश, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। नाक कान गला रोग विशेषज्ञ व सहायक आचार्य डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कालेज की ओपीडी में रोजाना 30-35 मरीज मौसम से उपजी समस्याओं के आ रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि दोपहर में तापमान बढ़ने से लोग लापरवाह हो गए हैं। टोपी मफलर से दूरी बना लिए हैं।
वहीं वातावरण में उड़ती धूल से भी लोग प्रभावित हो रहे हैं। इससे गले में खराश उत्पन्न हो रही है। खाना खाने के दौरान गले में दर्द की समस्या भी बढ़ रही है। एलर्जी की अलग दिक्कत लोगों को हो रही है। उन्होंने बताया कि नाक बंद होने या लगातार पानी गिरने की शिकायत लेकर भी मरीज आ रहे हैं।
यह बरतें सावधानी
डॉक्टर प्रदीप गुप्ता ने बताया कि बदलते मौसम में अगले 10-15 दिन बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। पूरी बांह के गरम कपड़े पहनें। घर से निकलते समय कपड़े का मास्क लगाकर निकलें। फ्रिज में रखा सामान तुरंत नहीं खाएं। ठंडे पानी से परहेज करें। गले में खराश या दर्द होने पर गरम पानी में नमक डालकर गरारा करें। सूर्यास्त के बाद बाइक चलाने या बाहर निकलने पर कान और गला ढक कर रखें।