मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के डीएम समेत उच्चाधिकारियों को लिखे गए पत्र का असर दिखने लगा है।
डीएम के आदेश पर पुलिसवालों ने निजी एंबुलेंस वालों को अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया है। परिसर में लगने वाली दुकानें भी गेट के पास लगाई जा रही हैं।
हालांकि अस्पताल प्रशासन का मानना है कि सीएम के जिले में आगमन को देखते हुए निजी एंबुलेंस वालों को परिसर से बाहर किया गया है।
जिला अस्पताल में दलाली, निजी एंबुलेंस वालों की मनमानी और परिसर में ठेला लगाने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
लोगों का आरोप है कि अस्पताल में होने वाली दलाली में वार्ड ब्वाय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मिलीभगत है।
इस बारे में चेतावनी के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ तो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पूर्णमासी कन्नौजिया ने जिलाधिकारी और विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था।
पत्र हाथ लगने पर अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद विभागीय लोग हरकत में आ गए। वर्तमान में जिला अस्पताल में बाहरी दलालों का आना कुछ कम हुआ है, लेकिन इस पर पूूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है।
पुलिस ने परिसर में खड़े होने वाले एंबुलेंस को हटवा दिया गया है। चालकों को चेतावनी दी गई है कि वे परिसर में वाहन न खड़ा करें। ठेला वालों को भी हटाया गया है।
वे अस्पताल गेट के आसपास ठेला लगाकर सामान बेंच रहे हैं।