लार। क्षेत्र के चटिया स्थित गंगा जमुनी तहजीब के प्रतीक सैयद सबुरन शाह दाता रहमतुल्लाह अले का सालाना उर्स बुधवार को अकीदत के साथ मनाया गया। दूर-दराज से पहुंचे जायरीनों ने चादर पोशी कर देश की सलामती के लिए दुआ मांगी।
देर रात तक जायरीन के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। वहीं कव्वालों की टीम ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। भीड़ को देखते हुए कई थानों की पुलिस टीम सुरक्षा के लिए मुस्तैद रही।
सबसे पहले मजार शरीफ के खादिम एनायतुल्लाह अशरफी ने सुबह छह बजे बाबा को स्नान कराया। इसके बाद फातिहा पढ़ चादर पोशी की।
इसमें बलिया, आजमगढ़, मऊ, सिवान, गोपालगंज, गुठनी, मैरवां आदि क्षेत्रों से जायरीन पहुंचे। बाबा की मजार पर चादर पोशी और सिन्नी चढ़ा कर देश की।
्रउधर, आजमगढ़ के कव्वालों की दो टीमों के बीच शानदार मुकाबला हुआ। कव्वालों ने बाबा की शान में सबसे पहले कलाम पेश किया। संवाद