शहर के फूलमंडी मेें सजी दुकानें, फोटो: संवाद
- फोटो : बरनाटीकर के पास हाईवे किनारे कतारों में खड़े ट्रक।
देवरिया। सहालग का समय शुरू होते ही कारोबार में तेजी आने लगी है। वाहन, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े के अलावा फूल के कारोबार में भी तेजी दिखाई देने लगी है। जलकल रोड फूलमंडी में कारोबारी इसको लेकर तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने कोलकाता, लखनऊ और बनारस के सप्लायर्स को आर्डर देना भी शुरू कर दिया है। इस सहालग के मौसम में जिले भर में करीब एक करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद कारोबारी जता रहे हैं।
देवोत्थान एकादशी के बाद शादी विवाह की तैयारी होने लगी है। लोग मंडप से लेकर वर की गाड़ियां सजवाने के लिए अग्रिम बुकिंग कर लिए हैं। शहर में जलकल रोड फूलमंडी में करीब 40 दुकानें फूल की हैं। यहां तगड़ी बुकिंग होती है। इसके अलावा शहर भर में 100 से अधिक डेकोरेटर्स हैं, जो गाड़ियों और मंडप सजाने का आर्डर सीधे तौर पर लेते हैं।
शहर में परमार्थी पोखरा समेत कई खाली जगहों पर गाड़ी सजाते हैं। इसके अलावा जिलेभर में 500 से अधिक सजावटकर्ता हैं। इनके पास लगन में आर्डरों की भरमार है। जलकल रोड फूलमंडी के कारोबारी शनि जायसवाल ने बताया कि इस साल मंडी में रौनक है। मांग को देखते हुए फूलों के सप्लायर्स को अग्रिम आर्डर दिए गए हैं। जब जैसी जरूरत होगी फूल मंगा लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि फूलमंडी में 40 दुकानें हैं। वहीं शहर में 100 से अधिक अन्य सजावटकर्ता हैं। इसके अलावा जिले में 500 कारोबारी तहसीलों, कस्बों को मिलाकर होंगे। जिले में लगन के सीजन में करीब एक करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। हालांकि सही तस्वीर लगन शुरू होने के बाद ही सामने आएगी।
बुके से लेकर फूल, माला की है मांग
लगन के लिए फूल, वरमाला की माला और सजावट के लिए फूलमाला की भारी मांग है। शनि जायसवाल बताते हैं कि कोलकाता से रजनीगंधा, बनारस से गेंदे की रेडीमेड माला और लखनऊ से गुलाब मंगाया जाता है। वरमाला पसंद के अनुसार 500 से लेकर 15000 से 20000 रुपये तक की तैयार की जाती है। बुके 250 से 300 रुपये तक की तैयार होती है। वहीं गाड़ी की सजावट दो हजार से लेकर 15000 हजार तक में हो जाती है। गुलाब का देशी फूल पांच रुपये तो बड़ा फूल 15-20 रुपये तक का बिकता है।