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Deoria News: सहालग में बढ़ी मांग...आजमगढ़-जौनपुर से आ रहा मिलावटी पनीर-खोआ

Thu, 06 Nov 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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एक दुकान में बिक्री के लिए रखा गया पनीर संवाद - फोटो : साजिशकर्ता के मकान के पास मौजूद राजस्व कर्मी व पुलिस टीम।
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देवरिया। त्योहार बाद अब सहालग की वजह से पनीर और खोआ की मांग करीब चार गुना बढ़ गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए धंधेबाज आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी से मिलावटी पनीर और खोआ की खेप मंगा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली के समय गाजीपुर से मंगाए जा रहे 300 किलो मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट कराया था।
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पशुपालन विभाग के डॉ. अमित कुमार सिंह के मुताबिक, देवरिया जिले में रोजाना करीब 35 से 40 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसका अधिकांश उपयोग घरों में चाय के लिए हो जाता है। बच्चों को पिलाने के लिए भी दूध की कमी है, जबकि पनीर और खोआ की आपूर्ति भरपूर है। शायद ही कोई चौराहा हो, जहां पनीर न बिकता हो।
पनीर-खोआ विक्रेता राजेंद्र जायसवाल बताते हैं कि सामान्य दिनों में जहां खोआ की खपत पांच से सात क्विंटल होती है, वहीं अब यह बढ़कर 20 से 25 क्विंटल तक पहुंच गया है। पनीर की डिमांड भी रोजाना 30 से 40 क्विंटल तक पहुंच गया है।
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चाय और मिठाई के दुकानदार सुदर्शन ने बताया कि पाउडर और रिफाइंड से तैयार किया गया नकली खोआ 200 से 220 रुपये किलो में थोक में उपलब्ध है, जिसे दुकानदार 300 से 320 रुपये प्रति किलो में बेच देते हैं। यही हाल पनीर का भी है, जो 220 से 230 रुपये किलो में मिल रहा है। जबकि शुद्ध पनीर का बाजार भाव 380 से 400 रुपये प्रति किलो है। कम दाम वाले पनीर में मिलावट की आशंका अधिक रहती है।

50 से अधिक नमूने फेल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 50 से अधिक पनीर के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें फैट और मिनरल्स की कमी पाई गई। कुछ नमूनों में क्रीम निकालकर पनीर तैयार किया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए कई नमूनों को नष्ट कराया था। इसी तरह खोआ में भी मिलावट की पुष्टि हुई थी।

ऐसे करें नकली पनीर की पहचान
पनीर की असलियत छूकर, देखकर और चखकर पहचानी जा सकती है। असली पनीर चिकना, मुलायम और हल्का दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर रबड़ जैसा और चिपचिपा होता है। असली पनीर का रंग हल्का सफेद और खुशबू ताजे दूध जैसी होती है। वहीं नकली पनीर में केमिकल की गंध आती है। घर पर आयोडीन टेस्ट करके भी जांच की जा सकती है, जिसमें नकली पनीर नीला या काला पड़ जाता है।
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अधिकारी बोले
दशहरा और दिवाली के बीच अभियान चलाकर पनीर की जांच की गई थी। मिलावट मिलने पर कार्रवाई भी की गई थी। फिर निगरानी बढ़ाई जाएगी। लोगों को भी सतर्कता पूर्वक खरीदारी करनी चाहिए।
-विनय सहाय, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय, देवरिया

नकली पनीर से बिगड़ जाता है पाचन तंत्र
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीवी सिंह के अनुसार, नकली पनीर के सेवन से पाचन संबंधी समस्या, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर और किडनी को नुकसान, बैड कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि, कैंसर और आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा रहता है।
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