देवरिया। शहर में सड़कों के किनारे फुटपाथ पर ठेला लगाने के लिए बड़ी वसूली का खेल चल रहा है। रेलवे स्टेशन रोड पर दुकानदारों से आरपीएफ और जीआरपी एक लाख रुपये की वसूली करती है। कुछ जगहों पर पहले से फुटपाथ कब्जा करने वाले ठेला और गुमटी रखवाते हैं और हर महीने पांच लाख रुपये किराया के रूप में वसूल करते हैं। इसके बदले में हर माह अवैध तरीके से एक से दो हजार रुपये फुटपाथ शुल्क वसूला जा रहा है। ऊपर से सेवा सत्कार भी कराया जाता है।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ बेचने का धंधा तेजी से फैल रहा है। ठेला, खोमचा वाले अपनी दुकान लगाने के एवज में एक से दो हजार रुपये महीना दे रहे हैं। शहर में हर माह छह लाख के इस खेल को लेकर छोटे दुकानदार इतने सहमे हुए हैं कि वह जुबान खोलने से भी डरते हैं। छोटे दुकानदारों से बेरोकटोक 50 से 100 रुपये हर रोज किराए के नाम पर वसूले जा रहे हैं। शहर के कसया ढाला से रेलवे स्टेशन के मछली हट्टा तक करीब 60 दुकानों से वसूली की जाती है। सबसे अधिक दाम आरपीएफ बैरक के सामने दुकान लगाने वालों को देनी पड़ती है। सुबह और शाम की पाली में दुकानें लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वालों से एक से दो हजार रुपये महीना 20 दुकानदारों से वसूला जाता है। इसी रोड पर चखना, पानी और बैठाकर शराब पिलाने की धौंस जमाकर करीब 40 दुकानों से प्रतिदिन 100 से 200 रुपये भी लिए जाते हैं। वसूली देने में अगर किसी ने आनाकानी की तो दुकान पर पहुंचकर धंधा चौपट कर दिया जाता है।
शहर के गोरखपुर रोड पर नो वेंडिंग जोन है। यहां पर दुकान लगाने और घर के सामने गैरेज में वाहन मरम्मत के नाम पर वसूली की जाती है। कचहरी चौराहे के पास करीब 30 दुकानों से हर रोज 100 से 200 रुपये और स्थायी तौर से गुमटी लगाने वालों से 1500 रुपये महीना लिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज रोड पर पहले से फुटपाथ पर कब्जा होने का हवाला देकर दुकानें लगवाई जा रही हैं। यहां पर कुछ लोग हर महीने दुकानदारों से किराया के रूप में एक हजार रुपये वसूल करते हैं। भटवलिया चौराहा से रामनाथ देवरिया मोड़ तक पहले से दबदबा बनाए कुछ लोग दुकानदारों से प्रतिदिन 50 से 100 रुपये वसूली करते हैं। सबसे गंभीर बात तो यह है कि फुटपाथ लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका है और वसूली दूसरे लोग कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन रोड पर छोला-भठुरा का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि हर महीना एक सिपाही आता है और रुपये ले जाता है। अंडा बेचने वाले एक युवक ने बताया कि पैसा न देने पर मुकदमा लिखने की धमकी दी जाती है। इसके डर से रुपये देने पड़ते हैं।
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बड़ी दुकान के सामने लगने वाले ठेले के बदले वसूली जाती है मोटी रकम
देवरिया। शहर के मोतीलाल रोड, हनुमान मंदिर, सब्जी मंडी में कई ऐसे बड़े दुकानदार हैं जो अपनी दुकान के सामने ठेला लगाने वालों से हर महीने एक हजार रुपये या फिर 50 से सौ रुपये रोज लेते हैं। इसके बाद इन्हें दुकान लगाने की छूट रहती है। अगर कोई पैसा नहीं दिया तो उसे अपनी दुकान के सामने से हटा दिया जाता है। जबकि न्यू कालाेनी मोहल्ले में पार्क और कुछ अन्य जगहों पर बरगर, फास्ट फूड बेचने वालों से हर महीने वसूली का खेल चल रहा है।
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शुरू हो गया साकेत नगर, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज तक फुटपाथ बेचने का खेल
देवरिया। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज से साकेत नगर को जाने के लिए नई सड़क बनी है। इस सड़क पर अभी दुकानें नहीं हैं। पर सिंचाई विभाग के कुछ कर्मचारी और अन्य लोग अपना कब्जा फुटपाथ पर जमा कर चिह्नित कर लिए हैं। अगर किसी को दुकान रखनी है तो इनके संपर्क में आता है और प्रति माह एक हजार रुपये किराए पर सौदा तय किया जा रहा है।
- अगर कोई दुकानदारों से जबरदस्ती वसूली करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी विभाग का हो उसकी शिकायत मिलने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
- राजेश कुमार, एएसपी
- शहर में ठेला, खोमचा लगाने वालों से कुछ लोग अवैध वसूली करते हैं, जिसकी शिकायत मिलती है। पर कोई दुकानदार लिखित रूप से इस नाते नहीं देता है कि उसकी रोजी-रोटी चौपट हो जाएगी। अगर लिखित शिकायत मिलती है तो उसकी लड़ाई लड़ी जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
- मंटू बाबू जायसवाल, संरक्षक, जिला फुटपाथ, ठेला एवं पटरी व्यवसायी सेवा समिति