संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। क्षेत्र के पड़री झिल्लीपार गांव में छठ घाट पोखरी में मछलियों के मरने के मामले में बुधवार को थाने पहुंचे पालक और आरोपियों के बीच पंचायत हुई, पर बात नहीं बनीं।
आरोपी पक्ष 14 हजार रुपये देने को तैयार है, जबकि पालक मछलियों की उचित हर्जाने की मांग कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मछली पालक बेहद गरीब है। उसने पत्नी के गहने बंधक और समूह से कर्ज लेकर पोखरी में मछलियां छोड़ी थीं।
बताते चलें कि छठ घाट की सफाई के दौरान गांव के प्रधान और फिर दूसरे दिन एक और शख्स ने छठ घाट की सफाई के दौरान जहरीले पदार्थ का छिड़काव करवा दिया था। इससे जहरीला पदार्थ पूरे पोखरी में फैल गया और मछलियों के मरने का सिलसिला जारी रहा। पड़री झिल्लीपार गांव निवासी चन्द्रकेश राजभर के नाम से गांव की एक पोखरी का पट्टा है। पोखरी के पास छठ घाट भी है। चन्द्रकेश पोखरी में बड़े पैमाने पर मछलियां पाल रखा था। पालक ने पत्नी प्रमिला देवी का जेवरात बंधक रखकर पोखरी में मछलियां छोड़ी थी। इसके अलावा पत्नी समूहों से भी कर्ज ली। जहरीले पदार्थ के छिड़काव के बाद मछलियां मर गईं। इसके बाद पीड़ित की तहरीर के बाद भी पुलिस कार्रवाई के लिए बार-बार समय देते जा रही है।
आखिर पुलिस केस दर्ज करने से पीछे क्यों भाग रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पुलिस किसी के दबाव में आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पालक अत्यंत गरीब है। इसके चलते पुलिस और आरोपी उसकी सुनने को तैयार नहीं है।
पालक और उसकी पत्नी दोनों बुधवार को पुलिस के दिए समय पर थाने में पहुंच गए। पत्नी प्रमिला ने बताया कि थाने में जाते ही एक सिपाही कहने लगे कि सुलह-समझौता कर लो। तुम्हारे पास क्या प्रमाण है कि जहरीले पदार्थ से ही मछलियां मरी है। केस भी होगा तो जांच में एफआर लग जाएगा।
उधर, आरोपी पक्ष 14 हजार रुपये पालक को देकर समझौता की बात कर रहे हैं। जबकि पालक पहले केस दर्ज कराना चाह रहा है और जब केस दर्ज नहीं हो रहा है तो वह मरी मछलियों के हर्जाने पर मानने को तैयार है। ऐसा नहीं होने पर वह अब वह एसपी संजीव सुमन के पास जाने की तैयारी में है। थानेदार दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में एक घटना होने से व्यस्तता बढ़ गई।
दबिश देकर आरोपियों की धर पकड़ के चलते समय नहीं मिल पाया। पालक की तहरीर पर केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।