भाटपार रानी। केंद्रीय बजट रविवार को संसद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया। इस बजट को सत्ता पक्ष की नेताओं ने सराहना की है। वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे जन विरोधी और किसान विरोधी बताया है। सपा के पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने इस बजट को किसान नौजवान और गरीब विरोधी बताया है। इस बजट से वस्तुएं और महंगी होंगी। यह बजट पूंजीपतियों का बजट है। माकपा नेता साधुशरण ने इस बजट को केंद्र सरकार का ख्याली पुलाव बताते हुए इसे किसानों गरीबों मजदूरों का विरोधी बजट बताया।
सपा के पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने इस बजट को किसान नौजवान और गरीब विरोधी बताया है। इस बजट से वस्तुएं और महंगी होगी। यह बजट पूंजीपतियों का बजट है। माकपा नेता साधुशरण ने इस बजट को केंद्र सरकार का ख्याली पुलाव बताते हुए इसे किसानों गरीबों मजदूरों का विरोधी बजट बताया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व देवरिया सदर के पूर्व विधायक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र का यह बजट कार्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है। बजट के केंद्र में आम आदमी नहीं है बजट में न तो महंगाई और न ही बेरोजगारी खत्म करने का रोडमैप है। किसानों, मजदूरों और युवाओं की दृष्टि से यह घोर निराशा है। ये बजट केवल पांच प्रतिशत अमीर घरानों के लिए ही बना है। आम आदमी की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य को भी तरहीज नहीं दी गई है। कुल मिलाकर बजट दिशाहीन है। संवाद