देवरिया। जिला अस्पताल के पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जिलाधिकारी ने आठ सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें प्रशासन के अलावा मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
कमेटी की बैठक के बाद निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके पूरा हो जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। पुराने भवनों के ध्वस्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए क्रिटिकिल केयर यूनिट सहित नए भवनाें का निर्माण कराया जाएगा, जिससे सुविधा बढ़ेंगी।
केंद्र सहायतित योजना के तहत जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए अस्पताल के 25 भवनों को लोक निर्माण विभाग देवरिया, आईआईटी बीएचयू वाराणसी की ओर से निष्प्राेज्य घोषित किया गया है। उसे ध्वस्त करने के लिए शासन के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा अनुभाग लखनऊ ने सितंबर माह में अनुमति दे दी थी। इसके बाद ध्वस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सीडीओ प्रत्यूष पांडेय की अध्यक्षता में अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। इसमें उप्र राजकीय निर्माण निगम कुशीनगर इकाई के अपर परियोजना प्रबंधक अखिलेश सिंह और सी एंड डीएस यूनिट-14 गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक मनीष चंद्र को संयोजक बनाया गया है, जबकि महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनिल जाटव, पीडब्लूडी निर्माण खंड के सहायक अभियंता अजय कुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है। कमेटी बैठक कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। कमेटी के एक से डेढ़ माह में प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण कार्य शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।