एकौना, देवरिया। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन रविवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया। इसमें मौसमी बीमारियों के मरीज अधिक आए। एकौना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक घंटे पूर्व दो बजे ही ताला बंद हो गया। इससे बाद में आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एकौना और सरांव दोपहर बाद बंद मिला। दोनों अस्पताल पर एक भी कर्मी नहीं थे। इलाज कराने आए मरीजों को निराशा हाथ लगी। वह बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पचलड़ी पर फार्मासिस्ट राम सिंगार विश्वकर्मा और एलटी इलियास उपस्थित रहे। यहां कुल 27 मरीज खांसी, बुखार, कमर दर्द के देखे गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायनपुर पर चिकित्सक डाॅ. उमाशंकर जायसवाल मेला ड्यूटी रुद्रपुर थे, फार्मासिस्ट संजय कुमार मल्ल ने खांसी, बुखार, खुजली और जोड़ो के दर्द के 40 मरीज देखे। इस बाबत उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी यादव ने कहा कि दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर स्वास्थ्य कैंप में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन दोपहर में ही अस्पताल बंद होने की जांच की जाएगी।
भागलपुर संवाद के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 42 मरीजों का इलाज हुआ। यहां 9 मरीजों के रक्त की जांच की गई। इसमें शुगर के दो, इस्नोफिलिया के दो, टायफाइड के तीन और मलेरिया के दो मरीज मिले। डॉ. प्रभात ने इनको दवा दी।
पैकौली संवाद के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां में आयोजित आरोग्य मेला में 33 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। यहां पांच बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिले। सभी बच्चों को दवा दी गई तथा उनके परिजनों को बच्चों के बचाव के लिए विशेष सावधानियां अपनाने की हिदायत दी गई। वहीं कुछ मरीज खुजली और फुंसी के भी पहुंचे जिनको दवा दी गई। डॉ. माधवी गुप्ता ने मरीजों का परीक्षण व उपचार किया फार्मासिस्ट अफरोज अहमद भी उपस्थित रहे।
मईल संवाद के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाॅ. अनिल कुमार प्रजापति ने बताया कि मौसम बदलने के चलते सबसे अधिक बच्चों में सर्दी, बुखार व बड़े लोगों में सांस, वीपी, गठिया के थे शेष पेट दर्द, शुगर के मरीज आए थे। चार मरीजों का हिमोग्लोबिन व छह लोगों की मलेरिया की जांच कर दवा दी गई। वीपी, गठिया व सांस के मरीज को ठंड से बचने की सलाह दी गई। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने व गुनगुने पानी पिलाने व ठंड से बचने की सलाह दी गई।
तरकुलवा संवाद के अनुसार, विकासखंड के चार न्यू पीएचसी पर महाशिवरात्रि पर्व के चलते हर जगह मरीजों की संख्या कम देखी गई। हालांकि, क्षेत्र के चार न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 149 मरीज पहुंचे, जिनके सेहत की जांच की गई और आवश्यक दवा देकर घर भेजा गया। मेले में वायरल फीवर और त्वचा रोग के मरीज अधिक आए। डाॅक्टर ने बताया कि 20 प्रतिशत मरीज त्वचा रोग से संबंधित थे।
बरियारपुर के अनुसार विकासखंड के रामपुर अवस्थी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ योगेश कुमार ने 43 मरीजों की जांच की और दवा वितरण किया जिनमें सर्दी-जुकाम,बुखार और आँख मे इन्फेक्शन के मामले ज्यादा पाए गए मौके पर फरमासिस्ट संजय पाण्डेय ,आशा मिश्रा,और लोरीक यादव, उपस्थित रहे।