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Deoria News: आवारा कुत्तों के आतंक से राहगीरों की परेशानी बढ़ी

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तुर्कपट्टी। ग्रामीण इलाकों में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। झुंड में घूमने वाले हिंसक कुत्ते न केवल राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि पालतू पशुओं को भी निशाना बना रहे हैं।
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फाजिलनगर ब्लाॅक के महासोन, रावतपार, महुववा, लाला गुरवालिया आदि गांव एवं चौराहों पर कुत्तों के काटने और उनके हमले से अब तक करीब 25 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। रविवार की सुबह महासोन चौराहे पर एक कुत्ते ने तीन लोगों को काट लिया। सुबह आठ बजे महासोन के सात वर्षीय मासूम को कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल गए जहां उसका इलाज चल रहा है। इसी गांव के चौराहे पर खड़े आकाश कुशवाहा उम्र 18 वर्ष को कुत्ते ने पैर में बुरी तरह काटा जिसे घरवाले मेडिकल कॉलेज कुशीनगर ले गए। इसी गांव के निवासी बालकरण यादव बसडिला जा रहे थे कि रावतपार गांव के निकट कुत्तों के के झुंड ने हमला कर दिया और दाहिने हाथ में काट लिया। बीते माह लाला गुरुवालिया में एक पागल कुत्ते ने लाला गुरवालिया निवासी राजकुमार प्रसाद एवं मनोज को बुरी तरह काट लिया। महुववा कारखाना बाजार में बेलवा निवासी राजेश, झुंगवा निवासी सलमा, महासोन निवासी मीरा देवी, महातम गौंड, पानमति, राघव तिवारी को भी कुत्ते ने काट लिया था। कुत्तों ने बाजार की मुख्य सड़कों से लेकर गांव की गलियों तक अपना ठिकाना बना लिया है। रात के समय दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ने से अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं। गुरुवालिया एवं महुआवा कारखाना में रात होने पर आने-जाने वाले लोगों पर यह कुत्ते हमलावर हो जाते हैं। क्षेत्र के सुरेन्द्र कुशवाहा, अंशुमान त्रिपाठी, रामेश्वर प्रसाद, रामाशीष यादव आदि ने बताया कि बताया कि रात में घर आते समय इन कुत्तों का भय बना रहता है। कुत्तों के भौंकने एवं दौड़ाने के कारण कई राहगीर गिरकर घायल हो चुके हैं। पूरी रात कुत्तों का झुंड भ्रमण करते हैं। इससे सर्वाधिक दिक्कत बच्चों को रहती है।
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