देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा देवरिया मेडिकल कॉलेज में बन रहा ट्रामा सेंटर शीघ्र तैयार हो जाएगा। इसके अप्रैल के अंत के शुरू हो जाने की संभावना है। इसके शुरू होने गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। इससे मरीजों को रेफर नहीं करना होगा। समय पर इलाज मिलने से अधिक जानें बचाई जा सकेंगीं।
जिले में अत्याधुनिक ट्रामा सुविधाओं की अभी कमी है। इमरजेंसी में पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाता है। इसके चलते दुर्घटना के पहले घंटे में इलाज नहीं मिलने के बीआरडी मेडिकल कालेज जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इसको देखते हुए अक्टूबर 2023 में जिले में ट्रामा सेंटर का निर्माण शुरू है। जिले में ट्रामा सेंटर शुरू होने से जिले के भीतर ही क्रिटिकल केयर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध होगा। इससे हादसों में घायल लोगों के मामले में मृत्यु में कमी आएगी। ट्रामा सेंटर आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस होगा। इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में गंभीर चोट लगने पर बिना देरी किए तत्काल सर्जरी की सुविधा। यह ट्रामा सेंटर 70 बेड का बन रहा है। इसको 24.68 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। 25 अक्टूबर 2023 से निर्माणाधीन इस ट्रामा सेंटर में दुर्घटना में घायल रोगियों के लिए 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। वहीं 20 बेड का अलग वार्ड आग से जले हुए रोगियों के लिए बनाया जा रहा है। इसमें 20 बेड का टॉक्सिकोलॉजी वार्ड बना जा रहा है। इसमें फूड प्वायजनिंग के शिकार रोगियों का इलाज किया जाएगा। ट्रामा सेंटर में एक्सरे, सीटी स्कैन, इसीजी के अलावा स्वतंत्र पैथालॉजी भी होगी। यह ट्रामा सेंटर एल-1 श्रेणी का होगा।
सीमावर्ती जिलों और बिहार को भी होगा लाभ
- ट्रामा सेंटर के शुरू होने से जिले के लोगों के साथ पड़ोसी जिले कुशीनगर और बिहार के सीमावर्ती इलाकों जैसे गोपालगंज और सीवान से आने वाले मरीजों को भी मिलेगा।
मेडिकल कालेज में ट्रामा सेंटर निर्माणाधीन है। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अगले दो महीने में यह पूरा हो जाएगा। इससे सुविधाओं में वृद्धि होगी। इसके बाद गंभीर रोगियों का यहीं पर इलाज किया जा सकेगा।
- डॉ. एचके मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक