देवरिया। बिहार के सिवान जिले का एक तस्कर अंतर प्रांतीय पशु तस्करी गिरोह का संचालन कर रहा है। इसका नेटवर्क पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद से लेकर बिहार के किशनगंज जिले तक फैला है।
इसी तस्कर को पकड़ने के लिए देवरिया पुलिस ने सिवान जिले में डेरा डाला था। हालांकि, जिस मोबाइल लोकेशन के सहारे पुलिस वहां गई थी, उस लोकेशन से सरगना पहले ही भाग निकला था। संदेह के आधार पर उसके दो गुर्गों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके अलावा देवरिया और कुशीनगर के भी तीन-तीन तस्करों से पूछताछ हो रही है।
10 दिसंबर को बोलेरो सवार पशु तस्करों ने मझौलीराज कस्बे के पास बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। बोलेरो में पांच गोवंश लदे थे। एसपी संजीव सुमन ने इस मामले में मझौलीराज चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया था।
इसके अलावा स्थानीय पुलिस के साथ स्वॉट व एसओजी को भी तस्करों को पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस की एक टीम कुशीनगर भेजी गई। वहां तीन संदिग्ध तस्करों को पकड़ा गया। इसके अलावा देवरिया के भी तीन तस्करों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया।
इनसे पूछताछ में मिले इनपुट व मोबाइल लोकेशन के आधार पर देवरिया पुलिस बिहार के सिवान जिले में पहुंची।
छानबीन में पता लगा कि सिवान का एक तस्कर इस समय अंतर प्रांतीय पशु तस्करी गैंग चला रहा है। इसका नेटवर्क पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद से लेकर बिहार के किशनगंज तक फैला है। चार दिनो तक बिहार पुलिस के साथ कई जगहों छापा मारा गया। हालांकि यह सरगना बड़ा ही शातिर है और पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसे जानकारी मिल जा रही है।
इस वजह से वह पकड़ में नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक संदेह के आधार पर पुलिस वहां से इस गिरोह के दो गुर्गाें को पकड़कर ले आई है। उनसे पूछताछ कर सरगना की गिरफ्तारी के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई जा रही है।