देवरिया। समय के साथ रोग भी अपना ठिकाना बदलता रहता है। आमतौर पर बड़ी उम्र के लोगों में होने वाला गठिया का रोग अब कम आयु की महिलाओं में भी देखने को मिल रहा है। इसके पीछे दिनचर्या में बदलाव को प्रमुख कारण माना रहा है। डॉक्टर दवा के साथ इसमें दिनचर्या को भी प्रमुख वजह मान रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज में मंगलवार को करीब 210 मरीज स्त्री व प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी में इलाज कराने आए। ओपीडी में मरीज देख रहीं स्त्री व प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सक डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि महिलाओं में आजकल गठिया या जोड़ों के दर्द के मरीज अधिक आ रहीं हैं। प्रतिदिन ओपीडी में 10-12 मरीज जोड़ों में दर्द की शिकायत लेकर आती हैं। इसमें युवा महिलाओं की संख्या अधिक होती है। उन्होंने बताया कि ज्यादतार महिलाएं घर पर ही रहती हैं। घरेलू कार्य के दौरान अक्सर झुक कर कार्य करना पड़ता है।
इसके अलावा मासिक धर्म बदं होने के समय बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इससे जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या कई बार होती है। इसके अलावा भोजन में कैल्सियम और विटामिन डी की कमी से भी जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ जाती है। महिलाएं अक्सर घरों में काम करती हैं। उन्हें धूप में कम निकलना होता है, इसलिए विटामिन डी की कमी अधिक होती है। डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि महिलाएं आनुवंशिक रूप से गठिया के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।